विश्व पर्यावरण दिवस पर वीरपुर के किसान भिखारी मेहता को राज्य स्तरीय सम्मान

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विश्व पर्यावरण दिवस पर वीरपुर के किसान भिखारी मेहता को राज्य स्तरीय सम्मान


सुपौल, 05 जून (हि.स.)।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वीरपुर प्रखंड के रानीपट्टी गांव निवासी प्रगतिशील किसान एवं पर्यावरण प्रेमी भिखारी मेहता को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया।

पटना में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार के विभिन्न वन प्रमंडलों से चयनित 10 पर्यावरणविदों को सम्मानित किया गया। इनमें वीरपुर के भिखारी मेहता का नाम भी शामिल रहा।

वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और बड़े पैमाने पर पौधारोपण को बढ़ावा देने के कारण उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया।

भिखारी मेहता ने वर्ष 2013 में पौध उत्पादन का कार्य शुरू किया था। पर्यावरण संरक्षण को अपना लक्ष्य बनाते हुए उन्होंने पौधारोपण को अभियान का रूप दिया। वर्तमान में वे वन विभाग, मनरेगा तथा अन्य सरकारी योजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पौधे उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने पौध उत्पादन को स्वरोजगार से जोड़ते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी बना दिया है। उनका लक्ष्य प्रतिवर्ष लगभग पांच लाख पौधों का उत्पादन करना है।उनकी नर्सरी और पौध उत्पादन केंद्र के माध्यम से 50 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। यही वजह है कि उनकी पहल को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार सृजन का भी सफल मॉडल माना जा रहा है।भिखारी मेहता को इससे पहले भी कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। बिहार दिवस के अवसर पर कृषि क्षेत्र में योगदान तथा बर्मी कम्पोस्ट के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया था।

इसके अलावा कृषि नवाचारों के लिए उन्हें राजभवन में राज्यपाल के हाथों भी सम्मान मिल चुका है।सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, समर्पण और धैर्य आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं और किसानों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति यदि पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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