तीन साल बाद फिर शुरू होगी पीएचसी की सेवा, निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने दिए कई अहम निर्देश

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तीन साल बाद फिर शुरू होगी पीएचसी की सेवा, निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने दिए कई अहम निर्देश


तीन साल बाद फिर शुरू होगी पीएचसी की सेवा, निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने दिए कई अहम निर्देश


सुपौल, 05 जून (हि.स.)। लंबे समय से बंद पड़े निर्मली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को जल्द पुनः संचालित करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने निर्मली स्थित पीएचसी और एएनएम प्रशिक्षण स्कूल एवं छात्रावास का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अधिकारियों के साथ बंद पड़े पीएचसी भवन का जायजा लिया और एक सप्ताह के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी कर वहां ओपीडी सेवा शुरू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व अनुमंडलीय अस्पताल शुरू होने के बाद पीएचसी की सेवाओं को अस्थायी रूप से एसडीएच में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन इसका औपचारिक विलय नहीं हुआ था। ऐसे में अब पीएचसी को अलग व्यवस्था के साथ फिर से सक्रिय किया जाएगा।

सिविल सर्जन ने कहा कि पुराने पीएचसी भवन में जल्द ही ओपीडी सेवाएं शुरू होंगी, जबकि इमरजेंसी, प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर से जुड़ी सुविधाएं पूर्व की तरह अनुमंडलीय अस्पताल में संचालित होती रहेंगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने एएनएम प्रशिक्षण स्कूल एवं छात्रावास की व्यवस्था का भी जायजा लिया। छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने बिजली कटौती के दौरान जनरेटर और इन्वर्टर की सुविधा नहीं होने, परिसर में साफ-सफाई की कमी, बाथरूम की समस्याओं तथा सांप निकलने की घटनाओं को लेकर चिंता जताई। इसके अलावा मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। शिकायतों के बाद सिविल सर्जन स्वयं रसोईघर पहुंचे और भोजन की गुणवत्ता की जांच की। व्यवस्था में खामियां मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मियों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया। साथ ही एएनएम स्कूल प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन को छात्रावास में इन्वर्टर लगाने, बाथरूमों में दरवाजे लगाने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सिविल सर्जन ने कहा कि छात्राओं द्वारा उठाए गए मुद्दे पूरी तरह उचित हैं। छात्रावास में बिजली, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और जल्द सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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