जन्मजात विकृति से प्रभावित बच्चों का होगा निःशुल्क इलाज, 14 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान

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जन्मजात विकृति से प्रभावित बच्चों का होगा निःशुल्क इलाज, 14 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान


किशनगंज, 12 अक्टूबर (हि.स.)। जन्मजात शारीरिक विकृति से प्रभावित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष पहल की जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत आगामी 14 नवंबर 2026 तक कटे होंठ, कटे तालू और टंग-टाई से प्रभावित बच्चों की पहचान कर पात्र बच्चों को निःशुल्क शल्य चिकित्सा से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।इसके साथ ही जन्मजात टेढ़े पैर की समस्या से पीड़ित बच्चों को भी उपचार के लिए जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के तहत चलंत चिकित्सा दलों को आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर प्रभावित बच्चों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं को भी अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे बच्चों को चिह्नित कर स्वास्थ्य विभाग तक सूचना पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य जानकारी के अभाव और आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी जरूरतमंद बच्चे को उपचार से वंचित होने से बचाना है। शल्य चिकित्सा से पहले बच्चों के हीमोग्लोबिन, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स और उम्र के अनुसार वजन की जांच की जाएगी।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या संक्रमण होने पर पहले समुचित उपचार कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बच्चों को सूचीबद्ध चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। जरूरत के अनुसार 102 एंबुलेंस की सुविधा और आरबीएसके के तहत प्री-ऑथराइजेशन प्रमाणपत्र की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को जन्मजात विकृतियों की पहचान, अभिभावकों को जागरूक करने और प्रभावित बच्चों को उपचार से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया गया।

सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि समय पर पहचान और उचित उपचार से बच्चों के बेहतर भविष्य की राह आसान हो सकती है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी अभियान का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए संबंधित कर्मियों के बीच समन्वय पर जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Livevns.news Desk
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