भागलपुर में चैती नवरात्र की धूम
भागलपुर, 27 मार्च (हि.स.)। जिले में चैती नवरात्र (वासंतिक नवरात्र) की धूम मची है, जहां माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए तिलकामांझी, खंजरपुर और मानिकपुर समेत प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
शहर में बांग्ला रीति-रिवाज से पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मानिक सरकार चौक स्थित दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी, साहेबगंज स्थित भैरवा तालाब, अलीगंज और भीखनपुर में विशेष सजावट और प्रतिमा स्थापना की गई है। यहां भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है।
पंडाल के आसपास मेला जैसा माहौल है। खान पान के तरह तरह की दुकानें लगी हुई। उधर दुर्गाबाड़ी में बंगाली समुदाय द्वारा पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ-साथ प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा बंगाली और हिंदी भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाई जा रही है, जिसमें देवी दुर्गा का आगमन पालकी पर और विदाई हाथी पर हो रही है। चैती नवरात्र को लेकर शहर पूरी तरह से भक्तिमय हो चुका है। विभिन्न मंदिरों में भक्ति के तराने गूंज रहे हैं और परिसरों को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों व झालरों से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में यहां प्रतिमा स्थापना के साथ-साथ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। मानिक सरकार चौक स्थित दुर्गाबाड़ी में पिछले 50 वर्षों से प्रतिमा स्थापना की परंपरा चली आ रही है। इस बार प्रतिमा का निर्माण बंगाल के विशेष कारीगरों द्वारा किया गया है।
सप्तमी और अष्टमी के दिन माता को प्रसिद्ध कतरनी चावल से बने व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जाएगा। 26 मार्च को बंगाल के प्रसिद्ध कलाकार (सुनीता मंडल, श्रीदीप मंडल, सुदीप चटर्जी और अभिजीत सेन गुप्ता) बांग्ला और हिंदी में संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 27 मार्च को बंगाली समुदाय द्वारा पारंपरिक संगीत ओर नृत्य का आयोजन होगा। आयोजन में मंदिर के अध्यक्ष सांतनू घोष, सचिव सूजय सर्वाधिकार और चंदन कुमार राय सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कालीबाड़ी मंदिर में चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत लगभग 25 वर्ष पूर्व हुई थी। बीच में कुछ समय के लिए यह बंद रही, लेकिन पिछले 9 वर्षों से यहां पुनः नियमित रूप से प्रतिमा स्थापित कर धूमधाम से पूजा की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

