छातापुर में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, अधिक कीमत वसूली पर होगी कार्रवाई
सुपौल, 29 जुलाई (हि.स.)। जिले के छातापुर प्रखंड में उर्वरक की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बिक्री की मिल रही शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद बुधवार को प्रखंड प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं के साथ विशेष बैठक आयोजित की।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भंडारण, वितरण और बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार, सभी कृषि समन्वयक तथा प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। इस दौरान पंकज कुमार भगत, सरोज कुमार सिंह, लड्डू पोद्दार, रमेश गायम, रामकुमार मेहता, अनिल राउत और जयप्रकाश साह सहित अन्य विक्रेताओं ने भी भाग लिया।
अधिकारियों ने विक्रेताओं से कहा कि सभी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण रखें, निर्धारित दरों की सूची दुकान पर प्रदर्शित करें तथा किसानों को रसीद देकर ही खाद की बिक्री करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू होने से किसानों को समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध होगा और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

