छपकाही गांव में महीनों से नहीं उठा कचरा, ग्रामीणों में आक्रोश

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छपकाही गांव में महीनों से नहीं उठा कचरा, ग्रामीणों में आक्रोश


छपकाही गांव में महीनों से नहीं उठा कचरा, ग्रामीणों में आक्रोश


सुपौल, 03 मई (हि.स.)। सदर प्रखंड के पिपरा खुर्द पंचायत के छपकाही गांव के वार्ड संख्या-11 में पिछले कई महीनों से कचरा उठाव का कार्य ठप पड़ा हुआ है। इससे गांव में गंदगी का अंबार लग गया है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। गांव की गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ है। इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।

खासकर गर्मी के मौसम में सड़ते कचरे से उठने वाली दुर्गंध और मच्छरों की बढ़ती संख्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य गांवों और शहरों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है। इस योजना के तहत नियमित कचरा संग्रहण, सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए। लेकिन छपकाही गांव में यह योजना केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है। जमीनी स्तर पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।

स्थानीय लोगों ने पंचायत के मुखिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो सफाई कर्मियों की नियमित तैनाती की गई और न ही कचरा उठाव की कोई व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कचरा उठाव और सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि स्वच्छता केवल सरकारी नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे धरातल पर भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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