महाकाल मंदिर में गूंजे जय माता दी के जयघोष, मां स्कन्दमाता की हुई विशेष आराधना
किशनगंज, 19 जुलाई (हि.स.)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में रविवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कन्दमाता की विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां स्कन्दमाता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में विशेष पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन से ही महाकाल मंदिर में मां भगवती की प्रतिदिन विशेष आराधना की जा रही है।
श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। पूजा के दौरान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की अच्छी-खासी उपस्थिति रही। शाम होते ही मंदिर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर जय माता दी और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। महाआरती के दौरान भक्तों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां भगवती से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत ने बताया कि वर्ष में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, जिनमें गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक एवं तांत्रिक महत्व माना गया है।
उन्होंने कहा कि जो साधक और श्रद्धालु सच्ची आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ मां भगवती की आराधना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान महाकाल मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर समिति ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

