मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, देश के सभी चुनाव तत्काल हों रद्द: डॉ. चक्रपाणि हिमांशु

WhatsApp Channel Join Now
मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, देश के सभी चुनाव तत्काल हों रद्द: डॉ. चक्रपाणि हिमांशु


भागलपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री समतुल्य डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने देश भर के चुनावों में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को देश का चुनाव लूटने के अपराध में तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने बिहार, बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए चुनावों को बेईमानी की जीत बताते हुए इन सभी चुनावों को तुरंत रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।

डॉ. हिमांशु ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश के हर नागरिक को वोट का समान अधिकार दिया था, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के वोट की कीमत एक गरीब किसान और मजदूर के बराबर है। लेकिन आज इस संवैधानिक अधिकार को खत्म करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है।

पूर्व अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बिहार में 'एसआईआर' प्रक्रिया के माध्यम से लाखों जनता के वोट काट दिए गए। उन्होंने दावा किया कि बिहार के हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 हजार वोट काटे गए, जिसके कारण राष्ट्रीय जनता दल को हार का सामना करना पड़ा। यही नहीं, पूरे देश में इस प्रक्रिया के तहत करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए।

डॉ. हिमांशु ने तीखे शब्दों में कहा, यह देश में चुनाव कराना नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर डकैती डालना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी इस घेरे में लेते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले 10 महीनों में 14 बार गंभीर सवाल और आपत्तियां दर्ज कराई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ साबित होता है कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ मिलकर देश का वोट लूटने का अपराध किया है।

डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने मांग की है कि देश में तत्काल प्रभाव से 'एसआईआर' प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयुक्त के इस लोकतंत्र विरोधी चेहरे को बेनकाब करने के लिए वे चुप नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे को लेकर सीधे जनता की अदालत में जाएंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Share this story