110 वर्षों की सेवा में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने हासिल की नयी ऊंचाई, 502 करोड़ पहुंची जमा राशि

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110 वर्षों की सेवा में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने हासिल की नयी ऊंचाई, 502 करोड़ पहुंची जमा राशि


110 वर्षों की सेवा में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने हासिल की नयी ऊंचाई, 502 करोड़ पहुंची जमा राशि


110 वर्षों की सेवा में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने हासिल की नयी ऊंचाई, 502 करोड़ पहुंची जमा राशि


सीवान, 29 सितंबर (हि.स.)।

सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने 110 वर्षों की सेवा यात्रा में वित्तीय मजबूती के साथ ग्रामीण बैंकिंग के विस्तार की दिशा में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।

बैंक की वार्षिक आमसभा में अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बैंक की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 तक बैंक की कुल जमा राशि 502 करोड़ रुपये पहुंच गयी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक ने 46.79 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वर्ष 2005 से बैंक लगातार लाभ में है।

उन्होंने कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों का पालन किया जा रहा है। गोपालगंज मोड़ स्थित टाउन हॉल में आयोजित आमसभा में अध्यक्ष ने कहा कि बैंक की प्रधान कार्यालय सहित कुल 17 शाखाएं हैं और 396 सहकारी समितियां बैंक से जुड़ी हैं। इनमें 293 पैक्स शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा का विस्तार करने के लिए पांच नयी शाखाएं खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

पैक्स, सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों और दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। माइक्रो एटीएम के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को घर के नजदीक बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।

बैंक की ओर से पैक्सों में शिविर लगाकर सदस्यों के खाते खोलने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। पैक्सों के कंप्यूटरीकरण और सामान्य सेवा केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के साथ पैक्सों को धान-गेहूं अधिप्राप्ति, उर्वरक और बीज कारोबार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की योजना है।

संयुक्त देयता समूह और स्वयं सहायता समूह बनाकर निर्धन, भूमिहीन और महिलाओं को भी ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। आमसभा में सीएमआर भुगतान में देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पैक्सों द्वारा राज्य खाद्य निगम के केंद्रों पर सीएमआर की आपूर्ति के बाद समय पर भुगतान नहीं होने से समितियों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ बढ़ रहा है।

उन्होंने सीएमआर आपूर्ति के चार दिनों के भीतर भुगतान की मांग की. विलंब होने पर अतिरिक्त ब्याज का भार राज्य खाद्य निगम पर डालने का सुझाव दिया। पैक्स, बिहार राज्य खाद्य निगम और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के बीच त्रिपक्षीय समझौता करने की मांग भी की गयी।

प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने बैंक का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंकेक्षित आर्थिक चिट्ठे और लाभ-हानि खाते तथा 2026-27 के बजट का अनुमोदन किया गया। उन्होंने बताया कि जीरादेई प्रखंड के चंदौली गंगौली पैक्स में जन औषधि केंद्र शुरू किया गया है।

आमसभा में 15 मई तक शत प्रतिशत सीएमआर उपलब्ध कराने वाले दस पैक्सों को अंगवस्त्र और फूल माला देकर सम्मानित किया गया। संयुक्त निबंधक सैयद मसरूक आलम ने पैक्सों में सीएससी का बेहतर संचालन, उर्वरक बिक्री शुरू करने और लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने को कहा. आमसभा का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर गोरेयाकोठी विधायक देवेश कांत सिंह, उपाध्यक्ष नागेंद्र मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय पांडे,मुकेश कुमार सिंह,चंद्रकेतु सिंह समेत बैंक के अधिकारी, निदेशक मंडल के सदस्य व अन्य मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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