खूंटे से बांधकर युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल, चार नामजद और अन्य अज्ञात पर केस दर्ज

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खूंटे से बांधकर युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल, चार नामजद और अन्य अज्ञात पर केस दर्ज


अररिया 31 जुलाई(हि.स.)। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो में युवकों को खूंटे से बांधकर बेरहमी से मारपीट किए जाने के मामले में फारबिसगंज थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 489/26 दर्ज किया है।

इस मामले में मटियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि एवं श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देव, मोनू देव, नीकू देव एवं मुन्ना गामी को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इसके अलावा चार से पांच अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया। हालांकि एक दिन पहले वायरल वीडियो मामले को लेकर आरोपी मुखिया प्रतिनिधि एवं श्री राम सेना के अध्यक्ष प्रदीप देव ने अपने बेक़सूर करार दिया था और अपनी संलिप्तता से इंकार किया था।

पुलिस के अनुसार, बथनाहा थाना क्षेत्र के बघुआ निवासी सोनू कुमार उर्फ चंदू शर्मा के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आवेदन में सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि 27 जुलाई को मिक्सर-ग्राइंडर मशीन की खरीद को लेकर हुए विवाद के बाद उन्हें मटियारी पंचायत के एक स्थान पर बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पहले से दो युवकों की पिटाई की जा रही थी।

आरोप है कि इसके बाद उनके साथ भी खूंटे से बांधकर लाठी-डंडों और मुक्के-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की गई। इस दौरान उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि इस घटना में धमदाहा वार्ड संख्या-12 निवासी बिपिन राय और निक्कू राय भी मारपीट के शिकार हुए हैं। घटना के बाद सभी लोग भय और दहशत में रहे। बाद में जब मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो मामला सार्वजनिक हुआ और पुलिस हरकत में आई।

वीडियो वायरल होने की सूचना मिलते ही फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंच कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पीड़ितों के घर जाकर बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किसने बनाया, किसने वायरल किया और घटना में कितने लोग शामिल थे।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर फारबिसगंज थाना में कांड संख्या 489/26 दर्ज कर लिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से जांच की जा रही है। वायरल वीडियो की सत्यता, घटनास्थल, आरोपितों की भूमिका तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान की जांच की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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