बाढ़ से पहले पुल निर्माण पूरा न हुआ तो टापू बन जाएगा दिलौरी गांव, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
भागलपुर, 18 अगस्त (हि.स.)।
जिले के पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पंचायत स्थित दिलौरी गांव में आरसीडी रोड से चंद्रशेखर यादव के घर तक बन रहा पुल विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के कारण पिछले पांच महीनों से अधूरा पड़ा है।
एनडीबी राज्य योजना के तहत करीब 0.700 किलोमीटर लंबाई वाले इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और संवेदक के खिलाफ गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार द्वारा नियमित रूप से कार्य नहीं कराया जा रहा है। साइट पर दो-तीन दिन मजदूर लगाकर काम शुरू किया जाता है, और फिर कई दिनों के लिए निर्माण पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। वर्तमान में पुल निर्माण स्थल पर केवल दीवार और पिलर ही खड़े किए जा सके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अगर लगातार मजदूर लगाकर मुस्तैदी से काम कराया जाए, तो यह पुल महज एक महीने में बनकर तैयार हो सकता है। इसके बावजूद पांच महीने बीत जाने के बाद भी ढांचा अधूरा है। यह अधूरा निर्माण अब दिलौरी गांव के लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुका है।
निर्माण स्थल पर खड़े पिलर के आसपास गांव के छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। मुख्य आवागमन मार्ग होने के कारण लोग भी इसी के बगल से गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण स्थल की घेराबंदी न होने से हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों को सबसे बड़ी चिंता आगामी बाढ़ को लेकर सता रही है। स्थानीय निवासी वकील मंडल, भगवान मंडल, शारदा देवी और शुक्री मंडल ने बताया कि दिलौरी गांव हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलता है।
अगर बाढ़ आने से पहले इस पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो पूरे दिलौरी गांव का सड़क संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाएगा। बाढ़ की स्थिति में गांव से बाहर निकलना, मरीजों को अस्पताल ले जाना और रोजमर्रा का सामान लाना भी असंभव हो जाएगा। वर्तमान स्थिति यह है कि आधे-अधूरे निर्माण के कारण गांव का रास्ता संकरा और जर्जर हो चुका है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, गंभीर मरीजों और बाजार जाने वाले आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि कार्य स्थल की नियमित निगरानी की जाए और ठेकेदार को पाबंद कर बाढ़ से पहले हर हाल में पुल का निर्माण पूरा कराया जाए। इस संबंध में हरिनकोल पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें इस पुल निर्माण की आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यदि ठेकेदार या निर्माण एजेंसी द्वारा इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों की चिंता जायज है। हम सरकार और संबंधित विभाग से मांग करते हैं कि बाढ़ की विभीषिका शुरू होने से पहले इस पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए ताकि दिलौरी गांव का संपर्क न टूटे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

