ठाकुरगंज सीएचसी में रिश्वत का आरोप, “पेमेंट आ गया…कितना दोगे?” व्हाट्सएप चैट वायरल, जांच टीम गठित
किशनगंज, 27 मार्च (हि.स.)। ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां पदस्थापित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर रिश्वतखोरी, मानसिक उत्पीड़न और महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुराचार जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
इस बीच एक कथित व्हाट्सएप चैट वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल चैट में “पेमेंट आ गया… कितना दोगे?” जैसे संदेश सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, गैर संचारी रोग पदाधिकारी तथा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को शामिल किया गया है। टीम को तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
बताया जाता है कि 29 एएनएम, सीएचओ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि कर्मचारियों से प्रोत्साहन राशि एवं वेतन में हिस्सा मांगा जाता है। पैसे देने से इनकार करने वाले कर्मचारियों की छुट्टियां रोक दी जाती हैं और उन्हें प्रशासनिक स्तर पर प्रताड़ित किया जाता है। महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने आरोप लगाया है कि देर रात वीडियो कॉल कर अनुचित मांगों का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने व्हाट्सएप चैट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच टीम को सौंपने का दावा किया है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से कार्यस्थल का माहौल भय और असुरक्षा से भर गया है। इसके अलावा डॉ. रहमान पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे सप्ताह में केवल तीन दिन ही सीएचसी में उपस्थित रहते हैं, जबकि शेष समय पूर्णिया के एक निजी अस्पताल में कार्य करते हैं। कर्मचारियों ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर उपस्थिति की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, डॉ. अखलाकुर रहमान ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि कुछ लोग व्यक्तिगत द्वेष के कारण उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
इधर, स्थानीय विधायक गोपाल अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तरह के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों की नजरें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

