विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार सरकार ने जारी किया वैकल्पिक मार्ग और मरम्मत योजना
- विक्रमशिला सेतु की मरम्मती में आईआईटी, पटना से लिया जाएगा सहयोग- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी पुल की मरम्मती में मांगा सहयोग
पटना, 04 मई (हि.स.)। भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु रविवार देर रात क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया स्थित गंगा पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की सलाह दी है।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन गिर गया है, जिसे दुरुस्त करने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू किए जाने की संभावना है।
उन्होंने भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में त्वरित कदम उठाते हुए पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि पुल पर यातायात का अत्यधिक दबाव था और हाल ही में पटना से भेजी गई जांच टीम ने भी इसमें कई तकनीकी खामियां पाई थीं। मरम्मत कार्य में आईआईटी पटना का सहयोग भी लिया जाएगा।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उत्तर बिहार जाने वाले वाहनों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु से और उत्तर बिहार से भागलपुर आने वाले वाहनों को खगड़िया स्थित गंगा पुल से गुजरने की सलाह दी गई है। फिलहाल भागलपुर और नवगछिया के बीच पीपा पुल बनाने की योजना को मानसून को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। वहीं, नवगछिया से भागलपुर के बीच स्टीमर सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क कर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से भी मदद मांगी है, जिस पर रक्षा मंत्री ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि यह घटना रविवार देर रात लगभग 12:30 बजे हुई, जब पुल के 133 नंबर पिलर के पास धंसाव शुरू हुआ। इसके बाद एहतियातन यातायात रोक दिया गया, लेकिन कुछ ही देर में पुल का वह हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

