बिहार में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को नई रफ्तार,एयरपोर्ट परियोजनाओं के निर्माण और विकास कार्यों में तेजी
पटना, 08 सितंबर (हि.स.)। बिहार में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार और क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से राज्य में विभिन्न एयरपोर्ट परियोजनाओं पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नागरिक उड्डयन विभाग से प्राप्त अद्यतन स्थिति के अनुसार, राज्य की एयरपोर्ट परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण, तकनीकी अध्ययन, निविदा और निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं। विकास आयुक्त कोषांग द्वारा संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय कर इन परियोजनाओं की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
रक्सौल एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पूर्ण
सीमावर्ती क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्सौल एयरपोर्ट के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। एयरपोर्ट के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी की निविदा प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।
रनवे विस्तार से संबंधित आवश्यक कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
एयरपोर्ट के निर्माण कार्य एवं कमीशनिंग को अप्रैल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्सौल की सीमावर्ती एवं रणनीतिक स्थिति को देखते हुए इसके विकसित होने से उत्तर बिहार तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के लिए टर्मिनल और रनवे के कार्यादेश जारी
मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एआईसी टावर, फायर स्टेशन तथा अन्य संबद्ध भवनों के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। इसकी उद्धृत राशि जीएसटी सहित 27.67 करोड़ रूपये है।
इसी प्रकार रनवे, एप्रन, टैक्सीवे, जीएसई, बेसिक स्ट्रिप स्ट्रेंथनिंग एवं ग्रेडिंग, एयरसाइड ड्रेनेज तथा अन्य संबद्ध कार्यों के लिए भी कार्यादेश जारी हो चुका है, जिसकी उद्धृत राशि जीएसटी सहित 31.20 करोड़ रूपये है। दोनों प्रमुख कार्यों की कुल उद्धृत राशि लगभग ₹58.87 करोड़ है।
पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए न्यू सिविल एन्क्लेव की दिशा में प्रगति
पूर्णिया एयरपोर्ट पर न्यू सिविल एन्क्लेव के विकास की निविदा प्रक्रिया जारी है। परियोजना के तहत आधुनिक यात्री सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार परियोजना को मई 2028 तक पूरा करने तथा जून 2028 तक कमीशनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बीरपुर और वाल्मीकिनगर में भी विकास कार्य आगे
बीरपुर एयरपोर्ट को Code-2B प्रकार के विमानों के अनुरूप विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, फायर स्टेशन, सिटी-साइड डेवलपमेंट एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रनवे, एप्रन, टैक्सीवे एवं अन्य एयरसाइड कार्य भी प्रक्रिया में हैं।
वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट में भी टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, फायर स्टेशन, सिटी-साइड डेवलपमेंट एवं विद्युतीकरण संबंधी कार्यों की निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ी है। रनवे, एप्रन एवं टैक्सीवे सहित एयरसाइड कार्यों के लिए भी प्रक्रिया जारी है।
सहरसा में टर्मिनल और रनवे कार्य की प्रक्रिया
सहरसा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, फायर स्टेशन एवं अन्य संबद्ध कार्यों के लिए प्राप्त बोली के असामान्य रूप से कम होने के कारण पुनर्निविदा की प्रक्रिया चल रही है। रनवे, एप्रन, टैक्सीवे एवं अन्य एयरसाइड कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
फारबिसगंज और सबेया में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की पहल
फारबिसगंज एयरपोर्ट को रिजनल कनेक्टिविटी स्किम(आरसीएस)– माॅडिफाइड यूडीएएल के चेनज माॅडल के तहत विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार द्वारा एयरपाेर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया से आवश्यक सहमति एवं प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
वहीं सबेया एयरपोर्ट, गोपालगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट का विकास प्रथम दृष्टया तकनीकी रूप से feasible पाया गया है। इसके लिए OLS Survey कराने तथा RCS–Modified UDAN के तहत विकास के लिए आवश्यक सहमति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
छपरा और उलाव में तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन
छपरा एयरपोर्ट के संबंध में अध्ययन में सीमित भूमि उपलब्धता एवं घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र के कारण तकनीकी और परिचालन संबंधी चुनौतियों की संभावना सामने आई है।
उलाव एयरपोर्ट, बेगूसराय के मामले में बराैनी ओईल रिफाईनरी की निकटता, एनएच-31 के समानांतर रनवे विस्तार के लिए भूमि संबंधी बाधा तथा आसपास की बस्तियों की मौजूदगी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया है। एयरपोर्ट के ओएलएस सर्वर के लिए एएअई से अनुरोध किया गया है।
किशनगंज में रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण
किशनगंज एयरपोर्ट के वर्तमान 1,000 मीटर रनवे को अतिरिक्त 1,000 मीटर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए लगभग 24.70 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
बिहार में एयरपोर्ट परियोजनाओं का विस्तार राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आर्थिक गतिविधियों को नए केंद्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, निवेश, पर्यटन, रोजगार के अवसरों तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
रक्सौल में भूमि अधिग्रहण का पूर्ण होना, मुजफ्फरपुर में टर्मिनल एवं रनवे के कार्यादेश जारी होना तथा पूर्णिया में न्यू सिविल एन्क्लेव की निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ना राज्य में विमानन अवसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
विकास आयुक्त कोषांग द्वारा संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में मजबूत हवाई नेटवर्क का विस्तार विकसित बिहार @2047 के व्यापक विकास विजन के अनुरूप संतुलित क्षेत्रीय विकास और बेहतर परिवहन संपर्क को मजबूत करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

