बिजली गुल होते ही लिफ्ट में फंसीं जीविका की दो महिला कर्मी, एक घंटे तक रही जान सांसत में

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बिजली गुल होते ही लिफ्ट में फंसीं जीविका की दो महिला कर्मी, एक घंटे तक रही जान सांसत में


बिजली गुल होते ही लिफ्ट में फंसीं जीविका की दो महिला कर्मी, एक घंटे तक रही जान सांसत में


सीवान, 06 सितंबर (हि.स.)। मॉडल सदर अस्पताल में रविवार की सुबह बिजली कटते ही जीविका की दो महिला कर्मी लिफ्ट में फंस गयीं. लिफ्ट का पावर बैकअप फेल होने के कारण वह पहली और दूसरी मंजिल के बीच जाकर रुक गयी।

लिफ्ट में फंसी दोनों महिलाओं के मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने के कारण वे किसी को फोन कर मदद भी नहीं मांग सकीं। करीब एक घंटे तक दोनों महिलाएं लिफ्ट के अंदर फंसी रहीं। बताया जाता है कि दोनों महिला कर्मी रविवार की सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी के लिए अस्पताल पहुंची थीं। लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं, तभी अचानक बिजली गुल हो गयी। पावर बैकअप काम नहीं करने के कारण लिफ्ट बीच में ही रुक गयी। करीब 10 मिनट बाद अस्पताल की बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन लिफ्ट फिर भी चालू नहीं हुई। इसके बाद दोनों महिलाओं ने लिफ्ट के अंदर से शोर मचाना शुरू किया।सफाई कार्य में लगे कर्मियों को आवाज सुनायी दी तो उन्हें लिफ्ट में किसी के फंसे होने का पता चला।

अस्पताल के कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि आपात स्थिति में लिफ्ट खोलने की जिम्मेदारी किसकी है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। काफी देर तक प्रयास के बाद बगल में बन रहे एमसीएच भवन के निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गयी। करीब एक घंटे बाद निर्माण कार्य में लगा एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा और चाबी की मदद से लिफ्ट का गेट खोलकर दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

मॉडल सदर अस्पताल भवन का निर्माण बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा कराया गया है। निर्माण के बाद तीन साल तक लिफ्ट समेत अन्य उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी बीएमएसआईसीएल की बतायी जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट में बार-बार खराबी आने और इसके रखरखाव को लेकर बीएमएसआईसीएल के अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में भी मॉडल सदर अस्पताल की लिफ्ट का मामला उठा था। इस दौरान डीएम स्तर से बीएमएसआईसीएल के डीजीएम से लिफ्ट की स्थिति को लेकर जवाब मांगा गया है। इसके अगले ही दिन लिफ्ट में दो महिला कर्मियों के फंसने की घटना ने अस्पताल की लिफ्ट के रखरखाव और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि लिफ्ट की एक चाबी अस्पताल प्रशासन के पास है. घटना के बाद अब ऑन-ड्यूटी सुरक्षाकर्मियों को भी लिफ्ट की चाबी उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि भविष्य में आपात स्थिति में लिफ्ट में फंसे लोगों को तत्काल बाहर निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि लिफ्ट की मरम्मत और रखरखाव के लिए बीएमएसआईसीएल के अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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