डिजिटल क्रांति से सशक्त होंगे बिहार के किसान : विजय कुमार सिन्हा

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डिजिटल क्रांति से सशक्त होंगे बिहार के किसान : विजय कुमार सिन्हा


-बिहार कृषि ऐप की समीक्षा बैठक, किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर जोर

पटना, 15 मई (हि.स.)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को पटना स्थित कृषि भवन में ‘बिहार कृषि ऐप’ की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विस्तार और किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।

बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रांति के माध्यम से बिहार के किसानों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण स्तर पर कृषि डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं।

मंत्री ने यह भी कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े युवाओं को “बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा” के रूप में पहचान दी जाएगी। ये युवा अन्य किसानों को बिहार कृषि ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। बेहतर कार्य करने वाले डिजिटल कृषि योद्धाओं को विभाग की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि किसानों की सुविधा के लिए इस ऐप को अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि जिन जिलों, प्रखंडों और पंचायतों में सबसे अधिक किसान पंजीकरण होगा, उन्हें शीर्ष 5-5 की श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागीय कर्मचारियों को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।

किसानों तक ऐप की पहुंच बढ़ाने के लिए सभी कृषि कार्यालयों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बामेती के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में किसानों को ऐप की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि ऐप में “गरमा फसल” शब्द के स्थान पर “ग्रीष्मकालीन फसल” का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह रबी (वासंतिक) और खरीफ (शारदीय) फसलों से जुड़ी जानकारी को भी और स्पष्ट रूप में शामिल किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में 19 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस ऐप की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में इस ऐप पर लगभग 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं और सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक लगभग 80 लाख किसानों को इससे जोड़ना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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