भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में शिकायतों की बौछार, उपमुख्यमंत्री बोले-लिखित आवेदन पर ही होगी कार्रवाई

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भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में शिकायतों की बौछार, उपमुख्यमंत्री बोले-लिखित आवेदन पर ही होगी कार्रवाई


भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में शिकायतों की बौछार, उपमुख्यमंत्री बोले-लिखित आवेदन पर ही होगी कार्रवाई


पटना, 03 अप्रैल (हि.स.)। बिहार के उपमुख्यमंत्री व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना के 3 स्ट्रैंड रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर शुक्रवार को भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान जमीन विवाद, नापी-सीमांकन, दाखिल-खारिज, लंबित आवेदनों और विभागीय लापरवाही से जुड़े मामलों की भरमार देखने को मिली। बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों के कारण कुछ समय के लिए व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिसे संभालने के लिए अधिकारियों को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा।

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले में केवल मौखिक शिकायत पर कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतें लिखित रूप में दी जाएं, ताकि उन पर विधिवत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। लिखित आदेश जाएगा तो ही जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े विवादों में संबंधित थाना, डीएसपी और एसपी स्तर पर भी आवश्यकतानुसार पत्राचार किया जाए, ताकि मामलों का त्वरित समाधान हो सके।

जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में पहुंचे कई फरियादियाें ने आरोप लगाया कि उनके आवेदन महीनों से लंबित हैं और विभागीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। कुछ मामलों में नापी और सीमांकन के दौरान पैसे मांगने और गलत प्रस्ताव तैयार करने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में जांच कर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

बैठक में कई भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले, जहां फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर बेहद व्यथित नजर आए और न्याय की गुहार लगाते रहे। इस पर मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर न्याय दिलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बार-बार एक ही मामले में कई आवेदन देते हैं, वे प्रक्रिया को बाधित करते हैं। ऐसे मामलों में एक ही स्पष्ट और पूर्ण आवेदन देने की सलाह दी गई।

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे कार्यक्रम से यह स्पष्ट हुआ कि जमीनी स्तर पर भूमि विवाद और प्रशासनिक समस्याएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। जहां सरकार समाधान का दावा कर रही है, वहीं आम जनता अब भी त्वरित न्याय की उम्मीद में भटकती नजर आ रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

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