बहू-बेटियों के अपमान पर सरकार सख्त, आपत्तिजनक गीत के खिलाफ होगी कार्रवाई : डॉ. प्रमोद कुमार
-कला-संस्कृति के नाम पर अश्लीलता, फूहड़ता और जातिसूचक गीत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे
पटना, 28 सितंबर (हि.स.)। बहू-बेटियों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक गीत को लेकर नाई समाज की ओर से सोमवार को बिहार सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। समाज ने संबंधित गीत को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने और उसके गायक के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर प्रदेश के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि कला और संस्कृति के नाम पर अश्लीलता, फूहड़ता, आपत्तिजनक भाषा और जातिसूचक गीतों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी संभालने के पहले दिन से ही यह स्पष्ट किया गया है कि बिहार की लोकगीत और लोकसंगीत की समृद्ध परंपरा को संरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी किसी भी सामग्री को संरक्षण नहीं दिया जाएगा, जिससे सामाजिक गरिमा और सामाजिक समरसता प्रभावित होती हो।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित विषय में नियमानुसार हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहू-बेटियों के सम्मान और सामाजिक मर्यादा से जुड़े मामलों में सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी।
कला मंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या किसी भी तरह के कृत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार महिला सम्मान, सामाजिक समरसता और सभ्य सांस्कृतिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बिहार की लोककला और लोकसंगीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि लोककला के नाम पर अश्लील, फूहड़ या समाज में वैमनस्य पैदा करने वाली सामग्री को बढ़ावा न मिले।
उल्लेखनीय है कि नाई समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में संबंधित गीत को सोशल मीडिया मंचों से हटाने तथा गायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

