राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर पटना में भूकंप परिदृश्य पर 25-26 फरवरी को मॉक ड्रिल
पटना, 24 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर पटना जिला प्रशासन की ओर से भूकंप परिदृश्य पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज एवं मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया जा रहा है।
पटना समाहरणालय में 25 फरवरी (बुधवार) को सुबह से टेबल टॉप एक्सरसाईज आयोजित की जाएगी, जबकि 26 फरवरी को सात चिन्हित सिमुलेशन स्थलों पर मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया जाएगा।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया कि इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी आपात स्थिति में जिले की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा करना है। उन्होंने कहा कि भूकंप पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज और मॉक ड्रिल प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावकारी हैं। इन अभ्यासों के दौरान सभी संबंधित विभागों एवं स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय की स्थिति की जांच की जाएगी तथा राहत एवं बचाव कार्यों का परीक्षण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यह सिस्मिक जोन फोर (IV) में स्थित है। ऐसी स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ तैयारी अत्यंत आवश्यक है। मॉक ड्रिल और टेबल टॉप एक्सरसाईज इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
जिलाधिकारी के अनुसार, पटना में 26 फरवरी को जिन सात स्थलों पर मॉक अभ्यास किया जाएगा, उनमें पटना समाहरणालय, जेडी वीमेंस कॉलेज एवं छात्रावास, बिस्कोमान भवन, सिटी सेंटर मॉल, जेपी सेतु, गाँधी मैदान और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि सिमुलेशन स्थलों पर यथार्थवादी आपदा परिदृश्य तैयार किए जाएंगे। इनमें संरचनात्मक क्षति, आग लगना, मलबे में फंसे लोग, घायल व्यक्तियों का उपचार, राहत एवं बचाव कार्य जैसे दृश्य शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से नियमित उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं,जिससे कि भूकंप की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके और संभावित क्षति को कम किया जा सके। करो और ना करो (डू एण्ड डॉन्ट्स) के व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, मॉक ड्रिल और अन्य क्षमता-वर्धन गतिविधियों के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सुरक्षित व्यवहार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यासों से आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

