जिलाें में हस्तांतरित पंचायत सरकार भवनों को शीघ्र क्रियाशील बनाने तथा नियमित मॉनिटरिंग का सचिव ने दिया निर्देश
पटना, 07 अगस्त (हि.स.)।
पंचायती राज विभागके सचिवमनोज कुमार ने कहा है कि जिन पंचायत सरकार भवनों का हस्तांतरण हो चुका है, उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाया जाए तथा हस्तांतरित एवं क्रियाशील भवनों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी पंचायत सरकार भवन को क्रियाशील बनाने में अनावश्यक विलंब होता है तो संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं पंचायत सचिव की जवाबदेही तय की जाएगी।सचिव मनाेज कुमार शुक्रवार काे विकास भवन स्थित कार्यालय में सभी जिलाें में विभाग के संबंधित अधिकारियाें काे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबाेधित कर रहे थे।
बैठक में सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों में कार्यरत कर्मियों का वेतन केवल बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाए। यदि बिना बायोमीट्रिक उपस्थिति के वेतन भुगतान किया जाता है तो इसकी जवाबदेही संबंधित जिला पंचायत राज पदाधिकारी की होगी तथा आवश्यकतानुसार उनके वेतन से राशि की वसूली की जाएगी।
उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को निर्देशित किया कि वे स्वयं पंचायत सरकार भवनों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि भवनों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। जहां किसी प्रकार की कमी पाई जाए, वहां संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कथा कि विभाग की सभी योजनाओं की प्रत्येक मानक (पैरामीटर) पर नियमित समीक्षा होगी तथा प्रदर्शन आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी। खराब प्रदर्शन करने वाले जिला पंचायत राज पदाधिकारियों एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए शोकॉज जारी किया जाएगा।
समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल पर विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। बताया गया कि पोर्टल पर विभाग से संबंधित 20,783 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 18,620 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 1,103 मामलों का नियमानुसार निष्पादन करते हुए अस्वीकृत किया गया है। सचिव ने शेष मामलों का भी शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले पंचायत विकास दिवस की भी समीक्षा की गई। सचिव ने कितनी ग्राम सभा आयोजित की हैं और ग्राम सभा से प्राप्त कितने आकांक्षाओं का निष्पादन किया गया, इसकी जानकारी प्राप्त की गई।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित मुक्तिधाम शवदाह गृह, कब्रिस्तान के निर्माण कार्य एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत करने से संबंधित प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक 228 निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी अवधि में 6,608 अंत्येष्टियों के विरुद्ध 6,273 मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत किए जा चुके हैं। शेष निर्माण कार्यों एवं लंबित मृत्यु प्रमाण-पत्रों के निर्गमन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश, अपर सचिव नजर हुसैन, संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

