फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत, मंत्री ने कहा-बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण

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फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत, मंत्री ने कहा-बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण


-फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत

पटना, 12 मई (हि.स.)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार काे कृषि भवन के सभागार से पटना जिला के फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के किसानों की फार्मर आईडी बनाने के साथ फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत की।

विजय कुमार सिन्हा ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। आज हम उस डिजिटल क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं, जो हमारे अन्नदाताओं के जीवन में खुशहाली और पारदर्शिता का नया सवेरा लेकर आएगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस महान विजन का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने का सपना देखा है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि जब तकनीक और किसान का मेल होगा, तभी भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बनेगी।

उन्होंने कहा कि एग्री-स्टैक उसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो बिचौलियों की दीवार को गिराकर सीधे सरकार और किसान के बीच एक मजबूत सेतु बना रहा है। साथ ही, सुशासन से विकसित बिहार बनाने के संकल्प को साकार करना हम सबकी जिम्मेवारी है।

मंत्री ने कहा कि पूर्व में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के नाते हमने वर्षों से लंबित म्यूटेशन एवं परिमार्जन को विभागीय पोर्टल के माध्यम से युद्धस्तर पर कार्यान्वित कराया जिसके फलस्वरूप फार्मर रजिस्ट्री की यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। राज्य में कुल 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अभी तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण किया गया है जिसमें से 47 लाख 85 हजार किसानों का फार्मर आईडी बना है। शेष 40 लाख 54 हजार किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जाना है। हमारा संकल्प है कि राज्य के सभी किसानों का फार्मर आईडी बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में हमने 47 लाख 85 हजार से अधिक किसानों का सफल पंजीकरण कर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। यानी हमने 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसमें पीएम-किसान के कुल 23 लाख 79 हजार किसानों का भी फार्मर आईडी सम्मिलित है। यानी पीएम किसान के लाभार्थी किसानों में से 28 प्रतिशत किसानों का फार्मर आईडी बन चुका है। हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस निष्ठा से कार्य किया, उसी का नतीजा है कि भारत सरकार से हमें 269 करोड़ 88 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।

विजय सिन्हा ने कहा कि आज से शुरू हो रहा यह दूसरा चरण एक मिशन है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार का एक भी किसान इस डिजिटल डेटाबेस से वंचित न रहे। यह रजिस्ट्री केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि यह किसान का पहचान पत्र है। इससे खाद, बीज, ऋण और फसल सहायता का लाभ बिना किसी अड़चन के सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के पांच किसानों लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार को फार्मर आईडी का वितरण किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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