दरभंगा में बिजली विभाग के इंजीनियर के घर और कार्यालय पर ईओयू का छापा

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दरभंगा, 17 मार्च (हि.स.)। दरभंगा में बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) मनोज कुमार रजक के आवास पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू ) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की है। यह कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक मोहल्ले में मंगलवार सुबह से जारी है।

जानकारी के अनुसार, ईओयू की टीम सुबह करीब आठ बजे सात वाहनों के साथ छापेमारी के लिए पहुंची। उस समय मनोज कुमार रजक घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने उनकी पत्नी और दो बेटियों से पूछताछ की और घर के विभिन्न हिस्सों की गहन तलाशी ली।

छापेमारी के दौरान उनके आलीशान दो मंजिला मकान से कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। हालांकि, कार्रवाई में शामिल अधिकारी फिलहाल कुछ भी बताने से बच रहे हैं और केवल इतना कहा जा रहा है कि जांच जारी है।

बताया जा रहा है कि मनोज कुमार रजक वर्तमान में मधुबनी जिले के जयनगर डिविजन में पदस्थापित हैं। उनके पैतृक गांव सुपौल जिले के निर्मली स्थित करजाईन में भी ईओयू की एक टीम छापेमारी कर रही है। इसके अलावा जयनगर स्थित उनके कार्यालय को भी खंगाला जा रहा है।

प्राथमिक जांच में ईओयू को उनकी आय से लगभग 62 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दरभंगा, जयनगर और सुपौल समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, 2009 बैच के अधिकारी मनोज कुमार रजक वर्ष 2020 में सिवान से तबादला होकर दरभंगा अंचल में आए थे। इसके बाद उन्होंने मधुबनी के झंझारपुर, समस्तीपुर और कटिहार में विभिन्न पदों पर कार्य किया। वर्ष 2024 में वे फिर जयनगर में कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापित हुए।

बताया जाता है कि दरभंगा में झंझारपुर में पदस्थापना के दौरान ही उन्होंने जमीन खरीदकर मकान बनाया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एचटी कनेक्शन, ठेकेदारों को कार्य स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए उन्होंने बड़ी संपत्ति अर्जित की।

फिलहाल ईओयू की छापेमारी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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