बिहार में इलेक्ट्रिक बस सेवा को मिलेगा बढ़ावा, छह शहरों में बनेंगे आधुनिक बस डिपो

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पटना, 28 फ़रवरी (हि.स.)। बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रिक बस सेवा को मजबूत करने के लिए राज्य के छह प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण किया जाएगा।

राज्य के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 62 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से सरकारी ई-बस डिपो बनाए जाएंगे। यह परियोजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत संचालित की जा रही है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि इन डिपो का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा। डिपो तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही चालक एवं परिचालकों के लिए बेहतर विश्राम सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रत्येक डिपो में प्रशासनिक भवन, कार्यशाला, बस धुलाई रैंप, एक साथ कई बसों की पार्किंग क्षमता, अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन तथा पावर बैकअप की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक शौचालय, लगभग दो मीटर ऊंची सीमा दीवार और फीडिंग रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

मंत्री के अनुसार, विभिन्न शहरों में स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मुजफ्फरपुर में टर्मिनल सह सार्वजनिक प्रतीक्षालय, शेड, सड़क, पेवर ब्लॉक, दुकानें, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म तथा गार्ड रूम बनाए जाएंगे। गया में सड़क, पेवर ब्लॉक, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, दुकानें, टर्मिनल और ई-बस चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। वहीं भागलपुर में सड़क, पेवर ब्लॉक, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, दुकानें, सीमा दीवार, गार्ड रूम और टर्मिनल क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा।

इसी प्रकार पूर्णिया में सार्वजनिक प्रतीक्षालय, शेड, पेवर ब्लॉक, दुकानें और एलिवेटेड प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जबकि दरभंगा में शेड, पेवर ब्लॉक, दुकानें, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, गार्ड रूम एवं सीमा दीवार का निर्माण किया जाएगा।

श्रवण कुमार ने कहा कि आधुनिक ई-बस डिपो के निर्माण से इलेक्ट्रिक बसों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा, रखरखाव बेहतर होगा तथा यात्रियों को सुविधाजनक और स्वच्छ परिवहन सेवा मिलेगी। इससे प्रदूषण में कमी आएगी और राज्य में हरित परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में टिकाऊ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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