पटना के प्राइवेट स्कूलों में मनमाने तरीके से फी वसूली पर डीएम ने लिया संज्ञान, अब अनिवार्य हाेगी पारदर्शिता

WhatsApp Channel Join Now
पटना के प्राइवेट स्कूलों में मनमाने तरीके से फी वसूली पर डीएम ने लिया संज्ञान, अब अनिवार्य हाेगी पारदर्शिता


पटना, 11 अप्रैल (हि.स.)। मार्च-अप्रैल के महीने में बच्चाें के स्कूलाें में रिएडमिशन फी के अलावा अन्य अनावश्यक बाेझ डालने से अभिभावकाें का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा जाता है। ऐसे में कुछ अभिभावकाें ने इससे परेशान हाेकर प्राईवेट स्कूलाें की शिकायत जिला प्रशासन से की,जिसपर एक्शन लेते हुए पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किये है।

जिलाधिकारी का साफ संदेश

पटना के प्राइवेट स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस वसूली को लेकर जिलाधिकारी ने साफ संदेश दिया है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पिछले दाे महीने से अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्राइवेट स्कूल निर्धारित फीस के अलावा अलग-अलग नामों पर अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं। एडमिशन फीस, ट्यूशन फी, डेवलपमेंट फी और एनुअल फी के अलावा भी कई तरह के छिपे शुल्क लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई स्कूल फी स्ट्रक्चर को लेकर स्पष्ट जानकारी भी शेयर नहीं कर रहे थे, जिससे अभिभावकों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही थी।

डीईओ और एसडीओ काे आदेश

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने ज्यादा तादाद में मिल रही शिकायताें काे गंभीरता से लिया और सक्रियता के साथ फाेरन कार्रवाई के निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को सख्त निगरानी रखने को कहा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बिना अनुमति फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकता और अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है।

प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी पूरी फी स्ट्रक्चर को सार्वजनिक करें। स्कूलों को नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर फी से जुड़ी सभी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि अभिभावकों को पहले से पूरी जानकारी मिल सके।

स्कूलाें पर हाेगी कानूनी प्रक्रिया

अधिकारियों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि किसी भी अभिभावक की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच करें। यदि कोई स्कूल दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, प्रशासनिक कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी शामिल होंगे।छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना गलत है और इसे हर हाल में रोका जाएगा। सरकार द्वारा गठित फीस रेगुलेशन कमिटी को भी एक्टिव किया गया है। यह समिति फीस से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इससे फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों सुनिश्चित होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

Share this story