बिहार : सहयोग शिविर में राजस्व मामलों की भरमार, बेगूसराय सबसे आगे
- 30 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे, 13,379 मामलों का निस्तारण- भूमि संबंधी मामलों के समाधान के लिए एक ही स्थान पर मिल रही सुविधा
पटना, 23 मई (हि.स.)। बिहार में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित सहयोग शिविर को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है। राज्यभर में आयोजित शिविर के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को कुल 30,390 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 13,379 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। शेष 16,112 लंबित आवेदनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शनिवार को कहा कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बन रहा है। सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को त्वरित राहत मिल सके।
इससे पहले मंत्री ने विभागीय कार्यालय में सहयोग शिविर से प्राप्त आवेदनों और उनके निष्पादन की समीक्षा की। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर आयोजित सहयोग शिविर आम लोगों के लिए राजस्व सेवाओं को घर-घर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शिविर में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और अन्य भूमि संबंधी मामलों के समाधान के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।
बेगूसराय सबसे आगे, कई जिलों में हजार पार आवेदन
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, बेगूसराय में सबसे अधिक 2,693 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद मुजफ्फरपुर (1,585), गयाजी (1,575), खगड़िया (1,552) और पश्चिम चंपारण (1,459) का स्थान रहा। वहीं भोजपुर, पूर्णिया, पटना, पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज समेत कई जिलों में भी एक हजार के आसपास या उससे अधिक आवेदन दर्ज किए गए।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, प्राप्त कुल आवेदनों में से 13,379 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहयोग शिविर में प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों को भूमि एवं राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें पारदर्शी, जवाबदेह तथा समयबद्ध सेवा मिले। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। इससे न केवल शिकायतों का तेजी से समाधान हो रहा है, बल्कि राजस्व सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित हो रही है।
प्रमुख बिंदु
- राज्यभर से मिले 30,390 आवेदन- 13,379 मामलों का निस्तारण- 16,112 आवेदन लंबित, जल्द निपटाने के निर्देश- बेगूसराय में सर्वाधिक 2,693 आवेदन- दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि मापी से जुड़े मामलों की सुनवाई- राजस्व सेवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

