भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस ने गठित की समिति
पटना, 20 जून (हि.स.)। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने भोजपुर जिले के शाहपुर निवासी भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। गठित समिति में प्रेमचंद्र सिंह, असित नाथ तिवारी, हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दिकी, उमेश राम, शशि पंडित, जितेन्द्र पासवान और नीलम प्रवीण को सदस्य बनाया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जांच समिति के सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे घटनास्थल का दौरा कर मामले की स्थलीय जांच करें तथा पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना से संबंधित सभी तथ्यों और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाएं।
राजेश राम ने कहा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को सौंपेगी, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भरत तिवारी ने जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया था। उनका तरीका भले ही विवादास्पद रहा हो, लेकिन यदि उन्होंने हथियार डालकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद गोली किन परिस्थितियों में चलाई गई, यह जांच का विषय है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो रही हैं।
राजेश राम ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को न्याय मिलने का अधिकार है और इस मामले में भी निष्पक्ष जांच के माध्यम से तथ्यों को सामने लाना आवश्यक है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

