महिला आरक्षण विधेयक पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला, बोले—नारी शक्ति के साथ हुआ धोखा
पटना, 19 अप्रैल (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के आरक्षण का अपमान किया गया है और यह महिलाओं के साथ धोखा है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां इस मुद्दे पर खुशी मनाती दिखीं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी बहन सांसद बन सकती हैं, लेकिन अन्य महिलाओं को अवसर देने में कांग्रेस की मंशा स्पष्ट नहीं है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार विधानसभा में वर्तमान में केवल 29 महिला विधायक हैं, जबकि महिला आरक्षण पूरी तरह लागू होने पर यह संख्या बढ़कर 122 तक पहुंच सकती थी। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और उनकी राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा अहम मुद्दा बताया।
उन्होंने पंचायत स्तर पर लागू 50 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद करीब 59 प्रतिशत महिलाएं चुनाव जीत रही हैं, जो नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी और क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देशभर की महिलाओं के हित में काम कर रही है, जबकि कुछ दल परिवारवाद तक सीमित हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कभी महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया और अब जब इस दिशा में पहल हो रही है, तो वह इसका विरोध कर रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर दलित और आदिवासी हितों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है और महिला आरक्षण का विरोध करने वालों के खिलाफ देशभर में आवाज उठाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार नारी शक्ति को आरक्षण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान हुआ, लेकिन सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकी, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो पाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

