लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' के संघर्ष को आगे बढ़ाया: मुख्यमंत्री
-मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण क्रांति दिवस पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण को दी श्रद्धांजलि
पटना, 05 जून (हि.स.)। सम्पूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा स्थल पर राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने लोकनायक को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें शत-शत नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने देश में सम्पूर्ण क्रांति के आंदोलन को नई दिशा दी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं था, बल्कि समाज, राजनीति और शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से प्रेरित था।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सम्पूर्ण क्रांति केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं थी, बल्कि यह समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक व्यापक अभियान था। इस विचारधारा ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने, जनता की भागीदारी बढ़ाने और शासन को अधिक जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयप्रकाश नारायण ने देशवासियों को यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता में निहित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण क्रांति के प्रणेता, भारत रत्न और महान स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण की विचारधारा आज भी देश के लिए उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके जीवनकाल में थी। लोकतांत्रिक चेतना, पारदर्शिता, जवाबदेही, सामाजिक न्याय और जनकल्याण जैसे जिन मूल्यों के लिए उन्होंने संघर्ष किया, वे आज भी राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन त्याग, संघर्ष, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर सदैव राष्ट्रहित और जनहित को प्राथमिकता दी। लोकतंत्र की रक्षा और आम लोगों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को लोकनायक के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके विचार समाज में नैतिकता, ईमानदारी, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का मार्ग दिखाते हैं। आज के दौर में भी उनके सिद्धांत सुशासन और सामाजिक परिवर्तन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने लोकनायक के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

