बिहार कैबिनेट की बैठक में 43 प्रस्तावों को मंजूरी, पटना में भूमिगत सड़क कॉरिडोर की संभावनाओं का होगा अध्ययन

WhatsApp Channel Join Now
बिहार कैबिनेट की बैठक में 43 प्रस्तावों को मंजूरी, पटना में भूमिगत सड़क कॉरिडोर की संभावनाओं का होगा अध्ययन


- बिहार एमएसएमई नीति 2026 को मंजूरी, पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य- सोनपुर आयोजना क्षेत्र का होगा विस्तार, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटेगी

पटना, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पटना में भूमिगत सड़क कॉरिडोर की संभावनाओं का अध्ययन, सोनपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार, बिहार एमएसएमई नीति 2026, औद्योगिक निवेश और बिजली विभाग की योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि पटना में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भूमिगत सड़क कॉरिडोर विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन कराया जाएगा। इसके तहत आर ब्लॉक चौराहे से कंकड़बाग और डाकबंगला चौराहे से पटना वीमेंस कॉलेज सहित शहर के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को भूमिगत मार्गों से जोड़ने की व्यावहारिकता का आकलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल संभाव्यता अध्ययन को मंजूरी दी गई है। भूमिगत सड़क कॉरिडोर के निर्माण की स्वीकृति अभी नहीं दी गई है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य विकास परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए सोनपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया गया है।

अरविंद चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘एक करोड़ उद्यमी परिवार, सशक्त बिहार का आधार’ के उद्देश्य से बिहार एमएसएमई नीति 2026 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा राज्य के साख-जमा अनुपात को 75 प्रतिशत तक पहुंचाने, प्रत्येक जिले में कम से कम एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने और सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कैबिनेट ने गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर में ग्रीन बेस्ट एथेनॉल उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 97 करोड़ 80 लाख 18 हजार रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस इकाई की स्थापना से 210 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में इमेज स्टार्च उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 88 करोड़ 62 लाख रुपये के पूंजी निवेश को स्वीकृति दी गई है। इससे 217 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल ने मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर स्थित बंद चीनी मिल की जमीन के औद्योगिक उपयोग को भी मंजूरी दी है। बिहार राज्य चीनी निगम की इस इकाई की जमीन में से 115.08 एकड़ पर चीनी मिल की स्थापना की जाएगी, जबकि शेष 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस भूमि का उपयोग सात निश्चय-3 के अंतर्गत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ कार्यक्रम के तहत नए उद्योगों की स्थापना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 11 हजार 96 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा आर्थिक अपराध इकाई के बढ़ते कार्यभार को देखते हुए 143 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।

राज्य के नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसके क्रियान्वयन के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का चयन किया गया है। इस योजना पर दो करोड़ 34 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

768476 Articles

Share this story