बिहार कैबिनेट की 17 प्रस्तावों पर मुहर, केंद्रीय विद्यालय, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और 19 विशेष अदालतों को मंजूरी

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बिहार कैबिनेट की 17 प्रस्तावों पर मुहर, केंद्रीय विद्यालय, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और 19 विशेष अदालतों को मंजूरी


पटना, 05 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, खेल, पेयजल, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था, उद्योग, संस्कृति और राष्ट्रव्यापी अभियानों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी स्थित सरकारी भूमि पर केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों की लीज, नवीकरण के विकल्प के साथ उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी।

खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर (उच्च प्रदर्शन खेल प्रशिक्षण एवं इंजरी सेंटर) की स्थापना, संचालन, रखरखाव, मानव संसाधन और अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था को मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार यह केंद्र खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और खेल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

कैविनेट की बैठक में शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति परियोजना के लिए 177.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर (भभुआ), कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद तथा लखीसराय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई। इनके संचालन के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायालयों में अराजपत्रित श्रेणी के 171 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली।

मंत्रिपरिषद ने 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के आयोजन को भी मंजूरी दी। सरकार के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य के 16 सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल हैं, के संचालन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने का फैसला किया गया। इस प्रक्रिया के लिए अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म पीडब्ल्यूसी को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बैठक में उद्योग विभाग के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय के लिए 106 नए पदों के सृजन तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के पुरातत्व निदेशालय में स्वीकृत 16 तकनीकी पदों में से 12 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत सर्वेक्षित पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडाटा निर्माण योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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