बिहार कैबिनेट : 31 प्रस्तावों को मंजूरी, अमृत 2.0 की तीन जलापूर्ति योजनाओं समेत कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
-अमृत 2.0 की तीन जलापूर्ति योजनाओं, एआई सेंटर, रोपवेज कंपनी और अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मंजूरी
पटना, 15 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 31 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के तहत तीन प्रमुख जलापूर्ति परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन, पुनौराधाम विकास, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण और पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के बाद कैबिनेट सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने अमृत 2.0 मिशन के तहत खगड़िया जलापूर्ति परियोजना के लिए 170.86 करोड़ रुपये, सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना के लिए 197.13 करोड़ रुपये तथा समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 228.45 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से संबंधित शहरों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिले में समेकित थरूहट विकास अभिकरण, बेतिया के माध्यम से संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना अवधि बढ़ाने और बजट में उपबंधित राशि के व्यय को भी मंजूरी दी गई है।
मंत्रिपरिषद ने बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही राज्य की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक-सह-कक्षपालों का मासिक मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया। जेलों में मृतक बंदियों के निकटतम परिजन अथवा विधिक उत्तराधिकारी को मुआवजा भुगतान के लिए नीति बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने बिहार मोटरवाहन अधिनियम, 1994 के तहत दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों पर लागू मोटर वाहन कर और व्यापारी या निर्माता से संबंधित व्यापार कर की दरों में संशोधन को भी मंजूरी दी। वहीं कैमूर स्थित मां मुण्डेश्वरी भवानी मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित धर्मशाला के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी मां मुण्डेश्वरी भवानी मंदिर न्यास समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सीतामढ़ी जिले के मां सीता जन्मस्थली पुनौराधाम के समग्र विकास को गति देने के लिए गठित श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर न्यास समिति के ट्रस्ट डीड को मंजूरी दी गई। साथ ही पुनौराधाम विकास के लिए अर्जित 50.8925 एकड़ भूमि को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रावधानों में शिथिलता देते हुए नि:शुल्क न्यास समिति को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिपरिषद ने बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी। राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के गठन तथा उससे संबंधित मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन एवं आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन को भी स्वीकृति दी गई।
धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन को भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई। यह कंपनी राज्य में रोपवे आधारित आधारभूत संरचना के विकास, संचालन और प्रबंधन का कार्य करेगी।
बैठक में भागलपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का नाम बदलकर 'अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा' करने का निर्णय लिया गया। इसके निर्माण के लिए भागलपुर जिले में 1425.1148 एकड़ तथा मुंगेर जिले में 1720.1160 एकड़, कुल 3145.2308 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए 13,29,58,70,089 रुपये की अनुमानित मुआवजा राशि की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायत प्रादेशिक क्षेत्र, पंचायत समिति तथा जिला परिषद प्रादेशिक क्षेत्रों के गठन एवं परिसीमन से संबंधित अधिसूचना को भी मंजूरी दी।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से राज्य में पेयजल आपूर्ति, धार्मिक एवं पर्यटन विकास, ग्रामीण प्रशासन, आधुनिक तकनीक, परिवहन अवसंरचना तथा जनसुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

