बिपार्ड को मिला आईएसओ 9001:2015 प्रमाण-पत्र, मुख्यमंत्री ने कहा- सुशासन-गुणवत्तापूर्ण प्रशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि

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पटना, 06 जुलाई (हि.स.)। बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड), पटना को सोमवार को आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में आईएसओ प्रमाणीकरण संस्था के प्रतिनिधि तरुण स्वरूप ने बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्द्र को यह प्रमाण-पत्र सौंपा। इसके साथ ही बिपार्ड, पटना राज्य का तीसरा संस्थान बन गया, जिसे आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इससे पहले बिपार्ड, गयाजी और सामान्य प्रशासन विभाग को यह प्रमाण-पत्र मिल चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिपार्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन संस्थान की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल बिपार्ड ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक का यह प्रमाणन दर्शाता है कि राज्य की संस्थाएं अब वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने में बिपार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से यह संस्थान शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने में निरंतर योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिपार्ड में वर्षभर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं और 365 दिनों तक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध रहती है। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है, जिससे सुशासन को और मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार को सुशासन, गुणवत्ता, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और उत्कृष्ट लोक सेवा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बिपार्ड, पटना और बिपार्ड, गयाजी की प्रशिक्षण क्षमता का और विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीकों, आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों और प्रशासनिक नवाचारों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल कर संस्थानों की कार्यक्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण अवसंरचना, संसाधनों, मानवबल और पाठ्यक्रमों को मजबूत बनाने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू की जाए। इससे दोनों संस्थान राज्य में क्षमता निर्माण, प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बन सकेंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी बिपार्ड को मिला आईएसओ प्रमाणन राज्य की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे संस्थान की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता को और बढ़ावा मिलेगा तथा प्रशिक्षण प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने में सहायता मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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