नाव बना सहारा, फिर भी यात्रियों की मुश्किलें बरकरार
भागलपुर, 05 मई (हि.स.)। भागलपुर का लाइफ लाइन कहे जाने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सेतु पर आवागमन बाधित होने से हजारों लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को संभालने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गंगा घाटों से नाव परिचालन शुरू कर दिया है।
प्रशासन की ओर से घाटों पर दंडाधिकारी के साथ-साथ पुलिस बल की भी तैनाती की गई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। नाव चालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर सवार न करें। साथ ही यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सरकारी दर भी तय कर दी है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नाव के सहारे आवागमन कर रहे लोगों को लंबा इंतजार, भीड़भाड़ और अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहल सराहनीय जरूर है। लेकिन मौजूदा व्यवस्था उनकी जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में लोगों ने जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि दैनिक जीवन सामान्य हो सके। उधर इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। भागलपुर जिला प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए मुकम्मल व्यवस्था शुरू कर दी है।
बरारी पुल घाट के पास जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह खुद अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि घाट के समीप मेडिकल टीम की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके साथ ही यात्रियों के लिए बैठने हेतु शेड बनाया गया है और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से कल से 10 सरकारी नावों का संचालन शुरू किया जायेगा। जिनसे आम लोग मुफ्त में आवागमन कर सकेंगे। वहीं जिन्हें जल्द यात्रा करनी है उनके लिए निजी नाव की भी व्यवस्था है जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित शुल्क तय किया गया है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

