वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल से ठप रही ओपीडी, एसडीएम की पहल पर फिर शुरू हुई सेवा
सुपौल, 22 जुलाई (हि.स.)। जिले के वीरपुर स्थित ललित नारायण अनुमंडलीय अस्पताल में बुधवार को चिकित्सकों के ओपीडी बहिष्कार का असर मरीजों पर साफ दिखाई दिया।
अरवल में डॉक्टरों के साथ हुई हिंसक घटना के विरोध में राज्यभर में किए गए आह्वान के तहत यहां भी ओपीडी सेवा बंद रही, जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओपीडी बंद रहने के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ जमा हो गई। दूर-दराज़ से पहुंचे लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे और इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही।
मरीजों की परेशानी की सूचना मिलने पर नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने चिकित्सकों से भी वार्ता कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।
वार्ता के दौरान एसडीएम ने चिकित्सकों से कहा कि उनकी सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी डॉक्टर के साथ हिंसा की घटना स्वीकार्य नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गंभीर और जरूरतमंद मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए तथा दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए। इसके बाद एसडीएम ने सुपौल के सिविल सर्जन से दूरभाष पर संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और मरीजों के हित में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
बातचीत के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया।
ओपीडी बहाल होते ही मरीजों का इलाज फिर से शुरू हो गया और अस्पताल का माहौल सामान्य हो गया। सेवा शुरू होने पर अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार ने चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए मुस्कुराकर थैंक यू डॉक्टर कहा। उनकी पहल और चिकित्सकों के सकारात्मक निर्णय की अस्पताल में मौजूद मरीजों व परिजनों ने भी सराहना की।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

