(संशोधित) बिहार विधानसभा में 87 हजार,383 करोड़, 43 लाख का अनुपूरक बजट सदन में पेश,13 विधेयक सदन में पेश

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(संशोधित) बिहार विधानसभा में 87 हजार,383 करोड़, 43 लाख का अनुपूरक बजट सदन में पेश,13 विधेयक सदन में पेश


(संशोधित) बिहार विधानसभा में 87 हजार,383 करोड़, 43 लाख का अनुपूरक बजट सदन में पेश,13 विधेयक सदन में पेश


पटना, 20 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानसभा में आज मानसून सत्र के पहले दिन सरकार के वित्त मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 87 हजार,383 करोड़, 43 लाख का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। इसमें राज्य स्कीम मद में 24370.72 करोड़ है। शेष केंद्र प्रायोजित स्कीम के लिए राशि रखा गया है।

13 विधेयक सदन में पेश

मानसून सत्र के पहले दिन सरकार की ओर से 13 विधेयक पेश किए गए। इन विधेयकों में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। विधेयकों पर सदन में चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार के तरफ से जो विधेयक पेश किए गए उसमें बिहार नगर विकास विधेयक 2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक 2026,भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक 2026, निबंधन (बिहार संशोशन) विधेयक 2026, बिहार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस विधेयक 2026, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026, बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक 2026।

5 दिनों तक चलेगा मानसून सत्र

बिहार विधानमंडल का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण फैसलों और विधायी कार्यों को पूरा करने की तैयारी में है। सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था, महंगाई और अन्य मुद्दों को उठाए जाने की संभावना है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास योजनाओं को सदन के माध्यम से सामने रखेगी।

पहले दिन नीट पेपर लीक का मुद्दा सदन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सदस्यों ने पेपर लीक मामले में विधानसभा मुख्य गेट से लेकर विधानसभा पोर्टिको तक मार्च किया और फिर विधानसभा पोर्टिको में काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए और धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा की मांग की। सोनम वांगचुक का समर्थन भी किया।

वामपंथी दल के सदस्य अजय कुमार ने कहा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा नीट पेपर लीक को लेकर,जंतर मंतर पर पिछले 23 दिनों से जो हो रहा है और सोनम वांचूक को जिस प्रकार से ले जाया गया उन सब के विरोध में हम लोग मार्च किया है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा नीट में किस तरह से पूरे देश में घोटाला हुआ है और जो गरीब और मेधावी छात्र हैं, उनकी एक तरह से हत्या की गई है, सरकार चुप है। सरकार ने कोई कार्रवाई अभी तक की नहीं है। उन्होंने कहा, चोरी करने वाला और चोर को बचाने वाला, ऐसे आदमी को सरकार में तो रहना ही नहीं चाहिए।

इसके बाद हंगामे के बीच मंगलवार तक के लिए विधानसभा और विधानपरिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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