मुजफ्फरपुर में अनंत चतुर्दशी को विधि-विधान से की गई भगवान विष्णु की पूजा
मुज़फ्फरपुर, 25 सितंबर (हि.स.)।
शहर सहित पूरे जिले में आज अनंत चतुर्दशी का महापर्व बेहद श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है।
इस पावन अवसर पर सुबह से ही स्थानीय मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। विशेष रूप से महिलाओं में इस पर्व को लेकर अभूतपूर्व उत्साह नजर आ रहा है। काफी संख्या में महिलाएं विशेष प्रसाद और पवित्र अनंत धागा लेकर मंदिरों में पहुंच रही हैं। वे पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की आराधना कर रही हैं और मुख्य पुजारियों के माध्यम से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने प्रसाद और धागे का पाठ करवाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न करा रही हैं।
स्थानीय मंदिर के पुजारी सुनील कुमार तिवारी ने इस पर्व के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अनंत चतुर्दशी का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष और कल्याणकारी माना जाता है। आज के दिन पूर्ण विधि-विधान से विशेष पूजा-पाठ का आयोजन कराया जा रहा है।
मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और विशेषकर व्रत रखने वाली महिलाओं को अनंत पूजा की पौराणिक कथा सुनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस महापर्व में महिलाएं बहुत ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। पुजारी जी ने यह भी जानकारी दी कि मंदिरों में पूजा-अर्चना और कथा श्रवण का यह क्रम सुबह से शुरू होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहेगा। इस पावन समय पर व्रत करने वाली महिलाएं पूजा-पाठ को लेकर शुद्धता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखती हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है।
यह पवित्र पर्व प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन चौदह गांठों वाला पवित्र 'अनंत सूत्र' पुरुष अपने दाहिने हाथ में तथा महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं। इसके साथ ही, यह दिन दस दिवसीय भव्य गणेशोत्सव का अंतिम दिन भी माना जाता है, जिसमें गणेश जी की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है।
इस व्रत की प्रसिद्ध कथा कौंडिल्य ऋषि और उनकी पत्नी सुशीला के जीवन से जुड़ी हुई है। ऐसी धार्मिक मान्यताएं हैं कि इस पर्व के बाद हाथ में जो धागा बांधा जाता है, उसमें साक्षात भगवान विष्णु का आशीर्वाद होता है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज कुमार

