बिहार में 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को घर बैठे मिलेगी डिजिटल रजिस्ट्री की सुविधा : सम्राट चौधरी

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बिहार में 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को घर बैठे मिलेगी डिजिटल रजिस्ट्री की सुविधा : सम्राट चौधरी


पटना, 11 जुलाई (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) के तहत चार नई सेवाओं होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन और जीआईएस तकनीक आधारित स्थल निरीक्षण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार डिजिटल शासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नई व्यवस्था से भूमि निबंधन प्रक्रिया अधिक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए शुरू की गई होम रजिस्ट्रेशन सेवा के लिए मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के पहले डिजिटल होम रजिस्ट्रेशन लाभार्थी 83 वर्षीय अवधेश कुमार की निबंधन प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। इस मौके पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से विकसित पेपरलेस निबंधन प्रणाली पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होम रजिस्ट्रेशन सेवा के लिए निर्धारित आयु सीमा में बदलाव किया है। पहले यह सुविधा केवल 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे घटाकर 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों के 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर रहने वाले बिहारवासियों को भी आपसी बंटवारे और अन्य भूमि संबंधी कार्यों के लिए आवेदन आधारित डिजिटल निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। साथ ही सभी निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

सम्राट चौधरी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत भूमि की खरीद-बिक्री से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से भूमि की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जाएगी। इससे खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे, भूमि विवादों में कमी आएगी और लेन-देन में पारदर्शिता तथा विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि निबंधन से संबंधित सभी दस्तावेज अब आवेदकों को व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत होगी, जिससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल बिहार के निर्माण की दिशा में पेपरलेस निबंधन प्रणाली एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली विकसित करने वाले सर्विस प्रोवाइडर से जुड़े लोगों को सम्मानित भी किया। उनके आगमन पर जीविका दीदियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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