मंत्री प्रमोद कुमार ने अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा को माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार के लिए चुने जाने पर दी बधाई
-‘अभिनय, अभिनेता और अध्यात्म’ पुस्तक के लिए अखिलेन्द्र मिश्रा को मिलेगा पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार-2024
पटना, 12 जून (हि.स.)। बिहार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बिहार के सुप्रसिद्ध अभिनेता, रंगकर्मी और लेखक अखिलेन्द्र मिश्रा को उनकी चर्चित पुस्तक ‘अभिनय, अभिनेता और अध्यात्म’ के लिए प्रतिष्ठित पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार-2024 के लिए चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को बिहार की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के लिए गौरव का विषय बताया।
अपने शुभकामना संदेश में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि यह सम्मान केवल अखिलेन्द्र मिश्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और रंगमंचीय परंपरा का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी है। उन्होंने कहा कि अभिनय और साहित्य जैसे दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय रहकर अखिलेन्द्र मिश्रा ने भारतीय कला जगत को नई दृष्टि और नई ऊर्जा प्रदान की है।
मंत्री ने कहा कि सीवान जिले से संबंध रखने वाले अखिलेन्द्र मिश्रा भारतीय रंगमंच, सिनेमा और टेलीविजन जगत का एक प्रतिष्ठित और सम्मानित नाम हैं। रंगमंच से अपने कलात्मक जीवन की शुरुआत करने वाले मिश्रा ने अभिनय की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ में निभाया गया उनका चर्चित किरदार ‘क्रूर सिंह’ आज भी भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे लोकप्रिय और यादगार पात्रों में शुमार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि अखिलेन्द्र मिश्रा ने केवल टेलीविजन ही नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने ‘सरफरोश’, ‘लगान’, ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’, ‘गंगाजल’, ‘वीर-ज़ारा’ और ‘अपहरण’ जैसी चर्चित फिल्मों सहित अनेक धारावाहिकों में अपनी प्रभावशाली अभिनय क्षमता का परिचय दिया है। अपने बहुआयामी अभिनय और सशक्त प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने देशभर के दर्शकों के बीच एक अलग पहचान बनाई है।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि अभिनय के साथ-साथ साहित्य और चिंतन के क्षेत्र में भी अखिलेन्द्र मिश्रा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी पुस्तक ‘अभिनय, अभिनेता और अध्यात्म’ अभिनय की प्रक्रिया, कलाकार की आंतरिक साधना, रचनात्मकता और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को गहराई से प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक कला और अध्यात्म के बीच संबंधों को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। इसी उत्कृष्ट कृति के लिए उन्हें पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार-2024 के लिए चयनित किया गया है।
मंत्री ने कहा कि अखिलेन्द्र मिश्रा की यह उपलब्धि बिहार के युवा कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और कला प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि समर्पण, साधना और निरंतर सृजनशीलता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई जा सकती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अखिलेन्द्र मिश्रा भविष्य में भी अपनी रचनात्मक प्रतिभा, साहित्यिक चिंतन और सांस्कृतिक योगदान से भारतीय कला, रंगमंच और साहित्य को समृद्ध करते रहेंगे तथा बिहार का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
अंत में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर सृजनशीलता की कामना करते हुए पुनः हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।---------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

