आपदा से प्रभावित मछली पालकों को बिहार सरकार देगी सहायता राशि,

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पटना, 16 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के पत्रांक 33-03/2020 एनडीएम - 01(Vol-II) दिनांक 10.10.2022 एवं बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के पत्रांक 6304 दिनांक 31.12.2022 के द्वारा आपदा संबंधित दिशा-निर्देश निर्गत है, जिसके आलोक में मात्स्यिकी प्रभाग में आपदा से प्रभावित मत्स्य कृषकों को राहत उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न घटकों के सहायता मानदर निर्धारित किया गया है।

बिहार में आये बाढ़ से यहां के मछली पालकाें का व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है। इसे लेकर बिहार सरकार काफी गंभीर है और राज्य सरकार ने आपदा से प्रभावित मछली पालकों को अपने व्यवसाय काे फिर से खड़ा करने के लिए सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में किसी आपदा से प्रभावित मछली पालकों को राहत पहुंचाने के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने सहायता राशि देने की घोषणा की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि आपदा से प्रभावित मछुआरों-मत्स्य कृषकों को राहत देने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन्हें तीन श्रेणी में सहायता मिलेगी, जिसमें नावों एवं जालों की मरम्मत, मछली के चारे तथा मछली फार्मों की मरम्मत के लिए सहायता राशि शामिल है।

सहायता राशि में मछली पालकों को क्षतिग्रस्त या गुम हो गई गैर यंत्रीकृत नावों, जालों की मरम्मत या उन्हें बदलने की श्रेणी में आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त नाव की मरम्मत के लिए 6,000 रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त जाल की मरम्मत के लिए 3,000 रुपये, पूरीतरह से क्षतिग्रस्त नौकाओं को बदलने के लिए 15,000 रुपये तथा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त जाल को बदलने के लिए 4,000 रुपये सहायता राशि दी जाएगी। यह सहायता राशि केवल उन लाभार्थियों के लिए है जो किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सब्सिडी/सहायता प्राप्त नहीं कर रहे हो।

वहीं दूसरी श्रेणी जिसमें छोटे एवं सीमांत किसानों को मछली के चारे के लिए इनपुट सब्सिडी के रुप में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की योजना के तहत प्रदान की जाने वाली एकबारगी सब्सिडी को छोड़कर, यदि लाभार्थी किसी अन्य सरकारी योजना के तहत मौजूदा आपदा के लिए पात्र है या कोई सब्सिडी/ सहायता प्राप्त की है तो उसे यह सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।

तीसरी श्रेणी में मत्स्य पालकों को तालाब से गाद निकालने या पुररुद्धार कराने तथा मछली फार्मों की मरम्मत के लिए 18000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि मिलेगी। इसका लाभ उन मत्स्य पालकों को मिलेगा जो अन्य किसी सरकारी योजना के तहत कोई अन्य सहायता/सब्सिडी प्राप्त नहीं कर रहे हो।

आपदा से प्रभावित मछुआरे-मत्स्य कृषक आर्थिक सहायता से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही वे डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html तथा मत्स्य निदेशालय, बिहार की वेबसाइट https://fisheries.bihar.gov.in से भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

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