जनगणना में जनभागीदारी जरूरी, मुख्यमंत्री नीतीश बोले- राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करेगा बिहार
- जनगणना-2027 का पूरा शेड्यूल जारी, 17 अप्रैल से स्व-गणना, मई में घर-घर सर्वे, पूछे जाएंगे 33 सवाल
पटना, 11 अप्रैल (हि.स.)। भारत की जनगणना-2027 के पहले चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना को लेकर बिहार में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए कहा है कि इसमें जनभागीदारी बेहद जरूरी है और बिहार के लोग इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार जनगणना इस बार डिजिटल और व्यापक तरीके से दो चरणों में कराई जाएगी। पहले चरण में 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक नागरिक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 02 मई से 31 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर तय 33 सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों का सही उत्तर देना अनिवार्य है। यह पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत संचालित की जा रही है।
जनगणना में शामिल 33 प्रश्नों को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में मकान से जुड़े सवाल होंगे, जिनमें मकान संख्या, फर्श, दीवार और छत की सामग्री, उपयोग और स्थिति जैसी जानकारी ली जाएगी। दूसरे भाग में परिवार से संबंधित प्रश्न शामिल हैं, जैसे परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, जाति, मकान का स्वामित्व और कमरों की संख्या।
तीसरे भाग में जल, स्वच्छता और ऊर्जा से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसमें पेयजल का स्रोत, बिजली, शौचालय, गंदे पानी का निकास, स्नानघर, रसोई ईंधन और भोजन से जुड़ी जानकारी शामिल है। वहीं चौथे भाग में घरेलू उपकरण और सुविधाओं का आकलन किया जाएगा, जिसमें टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर और वाहन आदि की उपलब्धता से जुड़े सवाल होंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नीतियां इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ही इसकी सफलता की कुंजी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

