पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं : रमा निषाद
पटना, 23 सितंबर (हि.स.)। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि योजनाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री बुधवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
मंत्री ने प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारियों को जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास, अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के साथ छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास में नामांकन, मेस संचालन, खाद्यान्न आपूर्ति, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोइया और आरओ समेत अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में सीसीटीवी, शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, पोक्सो एवं पोश समितियों, आपातकालीन वाहन, एएनएम/जीएनएम और एचपीवी वैक्सीनेशन की स्थिति की समीक्षा हुई।
वित्तीय मामलों की समीक्षा में विभिन्न जिलों में करीब 1.57 करोड़ रुपये के डीसी विपत्र लंबित पाए गए। इनके समायोजन के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं सहयोग पोर्टल पर प्राप्त परिवादों का ससमय निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला स्तर पर विभागीय व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, स्पष्ट कार्य-विभाजन, अभिलेखों का पूर्ण प्रभार, नियमित निरीक्षण और बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों के सुचारु कार्य हेतु डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी कर्मी एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की जा रही है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल रही है । प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हो सके।
उन्होंने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारियों को बिहार वित्त नियमावली एवंसीएफएस से संबंधित प्रशिक्षण वित्त विभाग के ट्रैनर्स द्वारा दिया गया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समेत क्षेत्र से आए सभी जिलों के प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

