सोलपारा में मानव तस्करी व बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला
किशनगंज, 12 सितंबर (हि.स.)। मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल मजदूरी और नशे के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोलपारा क्षेत्र में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन बीएसएफ, राहत संस्था एवं iPartner के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, कानून और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने को लेकर ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बीएसएफ इंस्पेक्टर लक्ष्मीधर स्वाईं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं। ऐसे में रोजगार का झांसा देकर मानव तस्करी और ठगी का शिकार बनाए जाने की आशंका रहती है। उन्होंने ग्रामीणों से संदिग्ध व्यक्ति, दलाल या गतिविधि की जानकारी तत्काल सुरक्षा बलों को देने की अपील की।
उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों से बचने के लिए सामूहिक प्रयास पर भी जोर दिया। शनिवार को राहत संस्था की सचिव डॉ. फरज़ाना बेगम ने कहा कि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं और बच्चों को शोषण एवं तस्करी से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। अभिभावक बच्चों को कम उम्र में मजदूरी कराने के बजाय उनकी शिक्षा पर ध्यान दें। शिक्षा ही बाल तस्करी, बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। बीएसएफ महिला कांस्टेबल प्रतिभा ने नशे से दूर रहने की अपील करते हुए अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा।
एसआई देशराज ने कहा कि गांवों में बाहरी दलाल रोजगार, पढ़ाई या बेहतर भविष्य का झांसा देकर बच्चों एवं परिवारों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी किसी भी गतिविधि की समय पर सूचना देकर संभावित नुकसान को रोका जा सकता है। राहत संस्था की मालामिका ने जरूरतमंद परिवारों और बच्चों की शिक्षा में सहयोग का भरोसा दिलाया। यास्मीन परवीन ने बाल विवाह रोकने तथा बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने का अवसर देने की अपील की। कार्यशाला के अंत में ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षा देने, बाल विवाह एवं बाल मजदूरी रोकने, नशे से दूर रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित सुरक्षा एजेंसी को देने का आह्वान किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

