नदियों को बचाने के लिए समाज का जागरण जरूरी: संगठन मंत्री गंगा समग्र
सारण, 28 जून (हि.स.)। गंगा समग्र के उत्तर बिहार के संगठन मंत्री जय किशोर पाठक अपने छपरा प्रवास के दौरान हिंदुस्थान समाचार से खास बातचीत में संगठन के कार्यों और प्राथमिकताओं को साझा किया।
उन्होंने बताया कि संगठन के अंतर्गत छपरा सारण, सीवान और गोपालगंज जिले आते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा और माँ सरयू के प्राकट्य दिवस के अवसर पर सारण के ऐतिहासिक चिरांद तट पर एक विशाल गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पिछले 16-17 वर्षों से स्थानीय समाज द्वारा किया जा रहा है, जिसमें गंगा समग्र पिछले 15 वर्षों से सक्रिय सहभागिता निभा रहा है।
उन्होंने ने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य घोष वाक्य अविरल गंगा, निर्मल गंगा है। यहाँ गंगा से तात्पर्य केवल मुख्य नदी से नहीं, बल्कि उसकी सभी सहायक नदियों, तालाबों, पोखरों, पाइन और कुओं से है, जिन्हें संगठन में जल निधि कहा गया है। इनका उद्देश्य जल स्रोतों को अविरल और निर्मल बनाए रखने के लिए समाज को जागरूक करना है।
तटीय क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे रहने वाले समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक रचना अलग होती है, क्योंकि उनका संपूर्ण जीवन-यापन इन्हीं तटों पर निर्भर है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नदियों को स्वच्छ रखने के लिए तटवासियों का चित्त परिवर्तन आवश्यक है, क्योंकि अत्यधिक गंदगी तटों पर ही होती है।
संगठन वर्तमान में पंच परिवर्तन के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चला रहा है। इसके साथ ही, तटीय समाज के बीच कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से सप्ताह में कम से कम एक दिन परिवार के साथ भोजन करने, सामूहिक पूजा करने और पारंपरिक वेशभूषा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, लोगों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने जैसे नागरिक कर्तव्यों का भी बोध कराया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

