खेत बचाओ अभियान में किसानों को दी गई रसायन मुक्त खेती की जानकारी
सुपौल, 08 जून (हि.स.)। किसानों को मिट्टी की सेहत संरक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन और रसायन मुक्त खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के बौराहा पंचायत में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, राघोपुर के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मिथलेश कुमार रॉय ने की।
इस दौरान वैज्ञानिक नीलेश कुमार, डॉ. अलीशा, डॉ. नित्यानंद तथा आत्मा सुपौल के पदाधिकारी मौजूद रहे। पंचायत के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर खेती से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की।
वैज्ञानिकों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की जांच कराए बिना उर्वरकों का प्रयोग करना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर ही फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराएं। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और फसल की उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जैविक संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने हरी खाद, कम्पोस्ट, केंचुआ खाद, खली एवं सड़ी हुई गोबर खाद के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इनके नियमित प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और जलधारण क्षमता में भी सुधार होता है।
इस अवसर पर डॉ. नित्यानंद ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाजार में रसायन मुक्त कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की गुणवत्ता को सुरक्षित रखती है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और स्वास्थ्य संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी-अपनी कृषि संबंधी समस्याएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर समाधान बताया गया। वहीं जनप्रतिनिधियों ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। अभियान के माध्यम से किसानों को मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

