चिकित्सक के छह वर्षीय बेटे को अगवा करने का प्रयास, धराया आरोपी
भागलपुर, 02 जून (हि.स.)। जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सैंडिस कंपाउंड में मंगलवार सुबह टहलने आए एक हृदय रोग विशेषज्ञ के छह वर्षीय पुत्र को गलत नीयत से अगवा करने का प्रयास किया गया। बच्चे की चीख-पुकार और परिजन की सतर्कता के कारण घटना टल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
घटना के बाद सैंडिस कंपाउंड में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। वहीं बच्चे के स्वजन काफी देर तक दहशत में रहे।
मामले को लेकर चिकित्सक ने तिलकामांझी थाने में लिखित शिकायत भी दी है। बताया जा रहा है कि हृदय रोग विशेषज्ञ अपने पिता और छह वर्षीय बेटे के साथ सुबह सैंडिस कंपाउंड टहलने पहुंचे थे।
उन्होंने अपने पिता और बेटे को परिसर के पास उतारा और कार पार्क करने चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे तो उनका बेटा वहां नहीं मिला। बेटे को आसपास तलाशने के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो वह घबरा गए।
उन्होंने परिजन और परिचितों को फोन कर घटना की जानकारी देनी शुरू कर दी। इसी बीच डॉक्टर को अपने बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाने पर उन्होंने देखा कि परिसर के पिछले हिस्से में एक व्यक्ति उनके बेटे के साथ मारपीट कर रहा है। डॉक्टर ने जब इसका विरोध किया तो आरोपित उनके साथ भी उलझ गया और हमलावर हो गया।
इस दौरान डॉक्टर के बुलावे पर पहुंचे लोगों में से किसी ने तिलकामांझी थाना पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपित को हिरासत में लेकर थाने चली गई। चिकित्सक ने आरोप लगाया है कि पकड़ा गया व्यक्ति शराब के नशे में था।
उनका कहना है कि आरोपित के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आ रही थी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी। डॉक्टर ने पूरे मामले को लेकर तिलकामांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। हालांकि इसके बाद थाने में कई घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पीड़ित चिकित्सक का आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्हें बताया गया कि मामले की जांच सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी करेंगे।
इस बीच समझौते की कोशिशें भी चलती रहीं। चिकित्सक का दावा है कि आरोपित पक्ष के कई लोग भी थाने पहुंच गए थे। उन्हें यह भी बताया गया कि आरोपित की ओर से भी मामला दर्ज कराया जा सकता है। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया जाता रहा। आरोपित प्रेम शंकर प्रसाद उर्फ मिंटो पुलिस की विशेष शाखा में तैनात रह चुका है। इसी वजह से मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। चिकित्सक का आरोप है कि थाने में मौजूद रहने के दौरान भी आरोपित लगातार धमकी देता रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नशे की हालत में होने के बावजूद आरोपित को उत्पाद विभाग की ओर से क्लीन चिट दे दी गई।
हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी को पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं तिलकामांझी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

