विधायक ने सदन में उठाया गौवंश का मुद्दा
पटना, 24 फ़रवरी (हि.स.)। बिहार विधानसभा में बिहपुर के भाजपा विधायक ईं शैलेंद्र ने मंगलवार को बिहार राज्य में गौवंश संरक्षण और संवर्धन केंद्र बनाने की मांग सरकार से किया।
विधायक ने कहा कि बिहार राज्य में अब तक गौवंश के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कोई गौवंश संरक्षण केंन्द्र स्थापित नहीं है। गौवंश संरक्षण केंद्र पर गाय एवं अन्य गौवंश का संरक्षण, पालन-पोषण, उपचार किया जाता है। यूपी, एमपी, हरियाणा और अन्य राज्यों में गौ संरक्षण केंद्र के लिए वहां सरकारी व्यवस्था की गई है। राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के कारण सड़क दुर्घटनाओं, फसल की क्षति एवं जनसुरक्षा की भी गंभीर समस्या बराबर बनी रहती है।
विधायक ने पूर्णिया, बिहपुर और भागलपुर सहित राज्यभर में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए एक ही परिसर में परित्यक्त एवं बीमार गौवंश की देखभाल, देसी नस्ल के संरक्षण, चिकित्सा, टीकाकरण, दुध उत्पादन, गोबर और गौमूत्र आधारित जैविक उत्पादन के लिए गौवंश संरक्षण केन्द्र की स्थापना की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
इस पर सदन में संबधित विभाग के मंत्री से स्पष्ट वक्तव्य की मांग को उठाया। इधर नवगछिया भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो.गौतम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विधायक ईं शैलेंद्र के इस मांग पर सदन में राज्य के डेयरी, मतस्य और पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि राज्य में राज्य में गौवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए गौवंश संरक्षण केंद्र नहीं है। जबकि बिहार में 87 निबंधित गोशाला है। जिसमें 57 क्रियाशील है। इन गोशालाओं को मॉडल गोशाला में विकसित करने के लिए बीस लाख रूपये अनुदान दिया जाता है। मंत्री ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में इस मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

