बाढ़ संकट से निपटने को सेना और जिला प्रशासन ने बनाई संयुक्त रणनीति

WhatsApp Channel Join Now
बाढ़ संकट से निपटने को सेना और जिला प्रशासन ने बनाई संयुक्त रणनीति


किशनगंज, 08 जून (हि.स.)। आगामी मॉनसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए सोमवार को जिला प्रशासन एवं भारतीय सेना के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी, त्वरित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी आदित्य कुमार सिंह तथा बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन से आए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

इस दौरान जिले के संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत सामग्री की उपलब्धता, नावों की तैनाती तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित बचाव कार्यों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

सेना और प्रशासन के अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति में विशेष रेस्क्यू टीमों की तैनाती, प्रभावित क्षेत्रों तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करने तथा राहत कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

सेना के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि किसी भी आपदा या बाढ़ की स्थिति में भारतीय सेना राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है और जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक के दौरान आपदा की स्थिति में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत और प्रभावी संचार तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना उपलब्ध होने से राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा प्रभावित लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी। इसके अलावा दोनों पक्षों ने जमीनी स्तर पर लगातार संपर्क और तालमेल बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और राहत कार्य निर्बाध रूप से संचालित किए जा सकें।

बैठक के अंत में अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) आदित्य कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।

उन्होंने कहा कि सेना के साथ स्थापित यह समन्वय जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक मजबूत करेगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Share this story