जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों ने फारबिसगंज-कुरसेला सड़क को जाम कर किया प्रदर्शन

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जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों ने फारबिसगंज-कुरसेला सड़क को जाम कर किया प्रदर्शन


जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों ने फारबिसगंज-कुरसेला सड़क को जाम कर किया प्रदर्शन


जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों ने फारबिसगंज-कुरसेला सड़क को जाम कर किया प्रदर्शन


अररिया 23 मई(हि.स.)। फारबिसगंज-कुरसेला स्टेट हाइवे को शनिवार को रामपुर के समीप आक्रोशित ग्रामीणों ने घंटों जाम कर प्रदर्शन किया। वर्षों से जलजमाव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। सड़क जाम होने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि पिछले करीब तीन वर्षों से इस इलाके में भीषण जलजमाव की समस्या बनी हुई है। हल्की बारिश हो या सामान्य दिन, सड़क किनारे और आसपास गंदा पानी जमा रहता है। इससे राहगीरों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार,जलजमाव के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिसमें कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे स्थित मस्जिद तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। गंदे पानी और कीचड़ के कारण नमाजियों को मस्जिद आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धार्मिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।

सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता और प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। इसके बाद आवागमन पुनः सामान्य हो सका।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से शादाब रामपुरी, शफाज अंसारी, शम्स रजा, मुकर्रम, निसार, चाँद रजा, आमिर हमजा, आस मोहम्मद, शाकिब रजा, अबु तलहा, काशिम, मुस्तकीम, अलकम, इस्लाम, लक्की, शब्बीर, तालिब, अकरम, ग़ालिब, शहजाद, रागिब, सलमान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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