फारबिसगंज सिविल कोर्ट के वकील अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे
अररिया, 05 जून(हि.स.)।
फारबिसगंज सिविल कोर्ट के वकील शुक्रवार से अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना पर बैठ गए हैं।फारबिसगंज बार एसोसिएशन एवं अधिवक्ता संघ की संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णय के तहत दोनों संघ के वकील अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे।धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद ने की।
धरना दे रहे हैं वकीलों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश चंद्र वर्मा,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद ने बताया कि उनकी मांगे नवनिर्मित टेन कोर्ट रूम भवन का अविलंब उद्घाटन, नए न्यायालय भवन में फौजदारी न्यायालय एवं अन्य संबंधित न्यायालयों का शीघ्र संचालन, सिविल कोर्ट परिसर में फोटो कॉपी एवं प्रिंटिंग मशीन की व्यवस्था अधिवक्ताओं के लिए वकालत खाना भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हित का निर्माण कार्य प्रारंभ करने की है।
दोनों संघ के अध्यक्ष ने बताया कि फारबिसगंज 1990 में अनुमंडल बना,लेकिन विधिवत तौर पर आज तक फारबिसगंज सिविल कोर्ट का संचालन नहीं हो रहा है। 30 करोड रुपये की लागत से नवनिर्मित टेन कोर्ट भवन का निर्माण किया गया,जिसको लेकर विधि मंत्री के साथ तीन-तीन बार पटना हाई कोर्ट के इंस्पेक्टिंग जज ने निरीक्षण कर शीघ्र कोर्ट शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका।
धरना दे रहे वकीलों ने कहा कि पिछले दिनों पटना हाई कोर्ट के इंस्पेक्टिंग जज के द्वारा किए गए निरीक्षण में 15 मई से नए भवन में कोर्ट चालू किये जाने की बात कही गई थी,बावजूद इसके भवन का उद्घाटन तक न होना कई सवाल खड़ा करता है।जबकि बिहार में कई स्थानों पर बने कोर्ट भवन का उद्घाटन और कोर्ट शुरू हुई। वकीलों ने मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी अपना आक्रोश है प्रकट किया और कहा कि सांसद या विधायक इस समस्या के निराकरण को लेकर कभी भी अभिरुचि नहीं दिखाई,जो दुखद है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

