एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने जघन्य हत्याकांड के दोषी को सुनाया आजीवन कारावास की सजा,50 हजार का अर्थ दंड

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एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने जघन्य हत्याकांड के दोषी को सुनाया आजीवन कारावास की सजा,50 हजार का अर्थ दंड


अररिया 05 फरवरी(हि.स.)। अररिया अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार की अदालत ने जघन्य रूप से किए गए मो.आशिक हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।आजीवन कारावास की साथ कोर्ट ने अपने फैसले में दोषी को 50 हजार रूपये का अर्थ दंड भी लगाया।अर्थ दंड की अदायगी नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक साल अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आशिक हत्याकांड मामले में स्पीडी ट्रायल के तहत दोषी को सजा सुनाया। काेर्ट ने जोगबनी थाना क्षेत्र के टप्पू टोला पिपराघाट निवासी 28 वर्षीय मो.नजरुल हसन पिता मो.हसीब को यह सजा सुनाई।नजरुल मामले में 20 जुलाई 2024 से ही जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में भर्ती है।

मामला नरपतगंज थाना क्षेत्र के स्वालदह मझुआ वार्ड संख्या 12 के रहने वाले 25 वर्षीय मो.आशिक की निर्ममतापूर्वक शरीर के विभिन्न हिस्सों में चाकू से गोदकर की गई हत्या से संबंधित है।मामले में मृतक के भाई 45 वर्षीय जहांगीर पिता मो.वारिश ने नरपतगंज थाना में 19 जुलाई 2024 को दर्ज कराया था। दरअसल आशिक की लाश हरपुर गांव के नहर साइड धान के खेत में मिला था, जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों पर चाकू से निर्ममतापूर्वक प्रहार कर हत्या किया गया था।

मृतक के भाई जहांगीर के द्वारा नरपतगंज थाना में दर्ज कराए गए प्राथमिकी में बताया गया था कि 18 जुलाई 24 को कपड़फोड़ा हाट (स्वालदह मझुआ हाट) में अपने मो. आशिक के साथ वह खरीददारी कर रहा था।उसी दौरान नजरुल,नसरूल और एक अज्ञात युवक आकर उनके भाई को मोटरसाइकिल पर लेकर गया। पूछने पर नजरुल ने घूमने फिरने की बात कह वापस आने की बात कही थी। लेकिन आशिक के रात में नहीं लौटने पर जब उन्हें फोन किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद वे लोग जोगबनी थाना क्षेत्र स्थित उनके घर पर गए। जहां 58 वर्षीय हासिम पिता स्व.हुसैनी ने धमकी देकर भगा दिया और अगली सुबह खेत में हत्या किया हुआ शव मिला।

मृतक आशिक नजरुल के साथ रंग पेंट का काम करता था। आशिक को चार लाख का एक ठेकेदारी मिला था जिसको लेकर नजरुल ने पूर्व में भी जान मारने की धमकी दी थी।

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी ने अपना पक्ष रखा,जबकि अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता मो.फैयाज आलम ने अपनी दलीलें दी।जिनके सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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